कोरोना के रोगियों को होम्योपैथिक उपचार से मिल सकता है फायदा
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देश में कोरोना के बेकाबू होते मामले लोगों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। हर रोज संक्रमितों के आंकड़े तीन लाख से ऊपर के आ रहे हैं। दिन-प्रतिदिन मरीजों की बढ़ती जा रही संख्या के बीच अब स्वास्थ्य सुविधाएं अपर्याप्त मालूम होने लगी हैं। ऐसे में लोग संक्रमण से सुरक्षित रहने के तरह-तरह के उपायों को प्रयोग में ला रहे हैं। इस बीच एलोपैथिक दवाओं के साथ आयुर्वेदिक और होम्योपैथी की कुछ दवाओं को लोग कोरोना में प्रभावी मान रहे हैं। क्या वास्तव में होम्योपैथिक चिकित्सा कोरोना संक्रमण को रोकने में कारगर है, आइए जानते हैं।
अमर उजाला फाउंडेशन की पहल के माध्यम से कोरोना महामारी को लेकर शुक्रवार को हुई चर्चा में विशेषज्ञों ने इस संबंध में जानकारी दी। इस दौरान होम्योपैथी में एमडी डॉक्टर गुनीत सिंह गाबा ने कोरोना में होम्योपैथिक उपचार के बारे में बताया।
कोरोना में कितना कारगर है होम्योपैथिक उपचार
इस सवाल के जवाब में डॉक्टर गुनीत सिंह कहते हैं कि हमेशा मुश्किल समय में होम्योपैथी ने लोगों की मदद की है। कोरोना के मामले में भी यह उपचार पद्धति प्रभावी परिणाम दे सकती है। कोविड होने से पहले, कोविड के दौरान और कोविड होने के बाद भी होम्योपैथी आपको बेहतर परिणाम दे सकती है। बहुत सारे गंभीर रोगियों को होम्योपैथिक उपचार से लाभ भी मिला है। हालांकि इस समय सोशल मीडिया में कई सारी होम्योपैथिक दवाओं के बारे में चर्चा हो रही है, उनपर भरोसा न करें। किसी भी दवा को लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।
कई होम्योपैथिक दवाएं कोरोना में हैं असरदार
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कोरोना के किस स्तर तक दी जा सकती हैं होम्योपैथिक दवाएं
डॉक्टर गुनीत बताते हैं कि होम्योपैथी में कोरोना के रोगियों के हर स्टेज की दवाएं हैं। जिन लोगों को फेफड़ों में संक्रमण की दिक्कत है उन लोगों को भी ठीक करने के लिए दवाइयां दी जाती हैं, इतना ही नहीं इससे कई लोगों को लाभ भी मिला है। कई ऐसी दवाइयां भी हैं जो रोगी के ऑक्सीजन के स्तर को बेहतर करने में कारगर साबित हो सकती हैं।
कोरोना के रोगी कैसे शुरू करें होम्योपैथिक उपचार?
डॉक्टर गुनीत कहते हैं कि कोरोना संक्रमित जो लोग होम्योपैथिक उपचार शुरू कराना चाह रहे हैं उन्हें डॉक्टर से अपने लक्षणों के बारे में स्पष्ट रूप से बताना चाहिए। उसी आधार पर डॉक्टर इलाज शुरू करते हैं। रोगी की स्थिति अगर माइल्ड है और अगर उन्हें सही दवाइयां दी जाएं तो दो से तीन दिनों में ही उनमें ठीक होने के लक्षण दिखने लगते हैं।
होम्योपैथिक उपचार के दौरान खान-पान कैसा होना चाहिए
डॉक्टर गुनीत कहते हैं कि कोरोना के लिए दी जा रही दवाइयों के साथ वैसे तो रोगी के लिए खान-पान में कोई विशेष पाबंदियां नहीं हैं। वैसे भी जिन लोगों को संक्रमण है उन्हें बहुत ठंडी चीजें खाने से परहेज करना चाहिए। अगर रोगी को अच्छी दवाइयां मिल जाएं तो उससे काफी लाभ मिल सकता है।
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नोट: यह लेख होम्योपैथी में एमडी डॉक्टर गुनीत सिंह गाबा से एक बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।
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