एक नए प्रकार के ब्लड ग्रुप की खोज
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भारतीय वैज्ञानिकों ने खोजा एक नया ब्लड ग्रुप
रक्ताधान चिकित्सा की दुनिया में विशेषज्ञों की टीम इसे अभूतपूर्व प्रगति के रूप में देखती है। भारत और ब्रिटेन के वैज्ञानिकों की टीम द्वारा की गई इस खोज का दुनियाभर में इंटेंसिव केयर, प्रसवपूर्व निदान और रक्तदान प्रोटोकॉल पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह दुनिया का सबसे दुर्लभ रक्त समूह हो सकता है, क्योंकि अब तक केवल एक ही व्यक्ति में इसकी पहचान की गई है।
बेंगलुरु स्थित रोटरी-टीटीके ब्लड सेंटर के चिकित्सा निदेशक डॉ. अंकित माथुर बताते हैं, अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती महिला को ब्लड चढ़ाने की जरूरत थी। हालांकि उसका ब्लड ग्रुप किसी भी अन्य ब्लड ग्रुप से मेल नहीं खाता था। हमने इसे अन्य ब्लड ग्रुप के साथ मिलाकर परीक्षण किया, लेकिन हर बार यह प्रतिक्रिया दे रहा था। जिसके बाद जांच में पाया गया कि महिला के ब्लड का सैंपल एकदम से नया और अज्ञात था।
सीआरआईबी ब्लड ग्रुप कितना अलग
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क्या है इस ब्लड ग्रुप की खासियत?
विशेषज्ञों ने बताया CRIB (क्रिब) ब्लड ग्रुप का अर्थ है- क्रोमोसोम रीजन आइडेंटिफाइड एज ब्लड ग्रुप। यह INRA (इंडियन रेयर एंटीजन) रक्त समूह प्रणाली से संबंधित है, जिसे 2022 में अंतर्राष्ट्रीय रक्त आधान सोसायटी (ISBT) द्वारा आधिकारिक रूप से मान्यता दी गई थी।
क्रिब की विशेषता यह है कि इसमें अधिकांश लोगों में पाए जाने वाले 'हाई प्रिवलेंस एंटीजन' अनुपस्थिति है। ये इंसानों की लाल रक्त कोशिकाओं में पाए जाते हैं। ये एंटीजन रक्त आधान में महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि इनका दाता और प्राप्तकर्ता दोनों में मौजूद होना आवश्यक होता है। क्रिब ब्लड ग्रुप में इसी एंटीजन की अनुपस्थिति देखी गई है।
इस ब्लड ग्रुप की खोज के बाद आगे की चरणों में शोधकर्ता CRIB-विशिष्ट एंटीबॉडी पैनल और स्क्रीनिंग परीक्षणों के विकास की दिशा में प्रयास कर रहे हैं जो वाहकों की शीघ्र पहचान करने में मदद कर सकें। विशेषज्ञ कहते हैं, क्रिब रक्त समूह की खोज इस बात की भी याद दिलाती है कि हमारे अपने जीव विज्ञान के बारे में अभी भी कितना कुछ अज्ञात है और ये रहस्य जीवन को सीधे तौर पर प्रभावित कर सकते हैं।
एमएएल ब्लड ग्रुप के बारे में भी जानिए
इससे पहले पिछले साल सितंबर में इंग्लैंड की ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी और एनएचएस ब्लड एंड ट्रांसप्लांट (NHSBT) के शोधकर्ताओं एक और प्रकार के ब्लड ग्रुप की खोज की थी, जिसे एमएएल (MAL) नाम दिया गया था। इंसानों में एक नए ब्लड ग्रुप की खोज इन दिनों दुनियाभर में चर्चा का विषय बनी हुई थी। इस ब्लड ग्रुप में क्या खास था और इस खोज की क्या आवश्कता थी, इस बारे में जानने के लिए
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स्रोत और संदर्भ
Scientists Identify New Blood Group After a 50 Year Mystery
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