फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एवियन इन्फ्लूएंजा: मुर्गी नहीं गायों से इंसान में सामने आया बर्ड फ्लू का मामला, क्या दूध पीने से भी है खतरा?

Sun, 18 Oct 2026 01:59 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

H5N1 Virus in Humans: अमेरिका के वॉशिंगटन में संक्रमित गायों के संपर्क में आने से एक व्यक्ति को बर्ड फ्लू से संक्रमित पाया गया है। उसकी हालत स्थिर है। आम लोगों के लिए जोखिम कम बताया गया है, लेकिन संक्रमित जानवरों से दूरी और कच्चे दूध के सेवन को लेकर लोगों को अलर्ट किया गया है।
विज्ञापन
गायों से बर्ड फ्लू का खतरा - फोटो : Amarujala.com/AI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बर्ड फ्लू मुख्यरूप से पक्षियों में फैलने वाला एक संक्रामक वायरल संक्रमण है, जो एच5एन1 वायरस के कारण होता है। यह कभी-कभी संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने से मनुष्यों में भी फैल सकता है। पर क्या आप जानते हैं कि ये संक्रमण कुछ स्थितियों में पक्षियों से नहीं बल्कि दूसरे जानवरों से भी इंसानों को संक्रमित कर सकता है?

विज्ञापन


अमेरिका में बर्ड फ्लू को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। वॉशिंगटन के याकिमा काउंटी में एक व्यक्ति को एच5एन1 वायरस से संक्रमित पाया गया है। खास बात यह है कि ये संक्रमण किसी पक्षी या मुर्गियों के कारण नहीं बल्कि संक्रमित गाय के संपर्क में आने से हुआ है। 

वैसे ये गाय से इंसानों में बर्ड फ्लू संक्रमण का कोई नया मामला नहीं है। सबसे पहले अप्रैल 2024 में टेक्सास में डेयरी मवेशियों से इंसानों में एवियन इन्फ्लूएंजा फैलने का पहला पुष्ट मामला सामने आया था। लेकिन इस मामले ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या बर्ड फ्लू से बचाव के लिए गायों से भी दूरी बनाकर रखने की जरूरत है? क्या दूध पीने से संक्रमण का खतरा है और क्या यह वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान तक पहुंच सकता है? आइए इस बारे में विस्तार से जान लेते हैं।

विज्ञापन
Trending Videos

गायों से बर्ड फ्लू का खतरा - फोटो : Freepik.com
गायों से इंसान में बर्ड फ्लू का मामला

अमेरिका के वॉशिंगटन में गायों से इंसान में बर्ड फ्लू का मामला सामने आने के बाद से सभी लोगों को अलर्ट किया गया है। वॉशिंगटन स्टेट डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ ने इस मामले की जानकारी दी है।
 
  • स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, संक्रमित व्यक्ति की हालत स्थिर है। उसे अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत भी नहीं पड़ी और फिलहाल उसे घर पर ही आइसोलेशन में रखा गया है, ताकि दूसरे लोगों में संक्रमण फैलने की आशंका को कम किया जा सके।

याकिमा हेल्थ डिस्ट्रिक्ट के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डेव एटेबरी ने कहा, हम इस व्यक्ति के संपर्क में आए करीबी लोगों को ट्रैक करने और उन पर नजर रखने के लिए दूसरी टीमों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। हम सुनिश्चित करना चाहते हैं कि संक्रमित लोगों को बचाव और लक्षणों के बारे में जानकारी हो ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें जांच और इलाज की सुविधा मिल सके।

एच5एन1 का संक्रमण - फोटो : Freepik.com
वॉशिंगटन की डेयरी गायों में मिला वायरस

इंसान में संक्रमण का ये मामला सामने आने से पहले याकिमा काउंटी के दो डेयरी फार्मों की गायों में एच5एन1 वायरस पाया गया था। वॉशिंगटन स्टेट डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर ने दोनों फार्मों में क्वारंटीन के निर्देश दिए हैं। बीमार गायों का इलाज किया जा रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल आम जनता को बर्ड फ्लू को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। हालांकि, संक्रमित जानवरों के संपर्क में आने से बचाव करना बहुत जरूरी है ताकि संक्रमण का जोखिम कम हो सके। 
 
  • अमेरिका में इंसान में एच5एन1 संक्रमण का पहला मामला अप्रैल 2022 में सामने आया था। कोलोराडो में पोल्ट्री के संपर्क में आए एक कर्मचारी को इसका शिकार पाया गया था।
  • इसके बाद अप्रैल 2024 में अमेरिका में गाय से इंसान में संक्रमण का पहला संभावित मामला सामने आया। यह मामला टेक्सास का था, जहां संक्रमित डेयरी गायों के संपर्क में आने वाले एक कर्मचारी में संक्रमण पाया गया था।
  • पैन अमेरिकन हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (पीएएचओ) के आंकड़ों के अनुसार, साल 2003 से 7 अगस्त 2026 तक दुनिया के 25 देशों में इंसानों में एच5एन1 संक्रमण के कुल 1,002 मामलों की पुष्टि हुई है। इनमें 479 लोगों की मौत हो चुकी है।
  • साल 2026 में ही दुनियाभर में इस संक्रमण के नौ मामले सामने आए, जिनमें दो लोगों की मौत हुई।
विज्ञापन

बर्ड फ्लू के कारण होने वाली दिक्कतें - फोटो : Freepik.com
बर्ड फ्लू और इसके खतरे

बर्ड फ्लू को एवियन इन्फ्लुएंजा भी कहा जाता है। यह इन्फ्लुएंजा टाइप-ए वायरस के कारण होने वाला संक्रमण है। ये वायरस प्राकृतिक रूप से जंगली पक्षियों में पाए जाते हैं। हालांकि, ये मुर्गियों जैसे पालतू पक्षियों के अलावा गायों और दूसरे स्तनधारी जानवरों को भी संक्रमित कर सकते हैं।

संक्रमित जानवरों या वायरस से दूषित जगहों के सीधे संपर्क में आने के कारण इंसानों में भी संक्रमण का खतरा देखा जाता रहा है। फिलहाल, वायरस केएक इंसान से दूसरे इंसान में फैलने के प्रमाण नहीं मिले हैं। 

क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

संक्रमित जानवरों के नजदीकी या लंबे समय तक संपर्क में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
 
  • बीमार या मृत पक्षियों और जानवरों से दूर रहें। जंगली पक्षियों या दूसरे जानवरों को छूने से बचें, भले ही वे देखने में स्वस्थ लग रहे हों। 
  • संक्रमित जानवरों की देखभाल करने वाले लोगों को काम के दौरान दस्ताने, मास्क, आंखों की सुरक्षा के उपकरण और सुरक्षात्मक कपड़े पहनने चाहिए। 
  • संक्रमित गायों के दूध में भी वायरस मौजूद हो सकता है। इसलिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ कच्चा दूध और बिना पाश्चुरीकरण वाले डेयरी उत्पादों का सेवन न करने की सलाह दे रहे हैं। 
  • वैश्विक स्तर पर, मनुष्यों में  एवियन इन्फ्लूएंजा की केस-फैटेलिटी दर लगभग 50% से 53% है। यह आंकड़ा 2003 से अब तक के डेटा पर आधारित है जिसमें मनुष्यों के 860 से अधिक पुष्ट मामलों में लगभग 450 से ज्यादा मौतें हुई हैं। 



--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें