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Alert: 125 साल में तीसरी सबसे गर्म फरवरी, हार्ट-फेफड़े और मस्तिष्क सभी के लिए बढ़ती गर्मी नुकसानदायक

Tue, 11 Mar 2025 07:44 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) का कहना है कि देश ने 2025 में अब तक की सबसे गर्म फरवरी का सामना किया। 26 फरवरी 2025 को मुंबई में तापमान 38.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। बढ़ती गर्मी से न सिर्फ हीट स्ट्रोक और रक्तचाप से संबंधित समस्याओं का खतरा रहता है साथ ही ये मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकती है।
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बढ़ती गर्मी को लेकर अलर्ट - फोटो : Amarujala.com
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विस्तार
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होली आने में अभी भी कुछ दिन शेष हैं पर देश के ज्यादातर हिस्सों में गर्मी की शुरुआत हो चुकी है। सिर्फ गर्मियों की शुरुआत ही नहीं हुई है, फरवरी महीने में ही तापमान ने रिकॉर्ड्स तोड़ दिए हैं। यूरोपियन कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस (सी3एस) के अनुसार, पिछले महीना यानी फरवरी 125 साल में अब तक का तीसरा सबसे गर्म फरवरी का महीना था। इस दौरान सतह के पास तापमान 1850 से 1900 की तुलना में 1.59 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया।

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विशेषज्ञ कहते हैं, जलवायु परिवर्तन की वजह से वैश्विक तापमान में लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है, इससे गंभीर बीमारियों के बढ़ने का भी खतरा हो सकता है जिसको लेकर सभी लोगों को अलर्ट रहने की आवश्यकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अलर्ट करते हुए कहा है कि अभी से ही देश के कई हिस्सों में जिस तरह की गर्मी महसूस की जा रही है, ये मई-जून में रिकॉर्ड तोड़ सकती है। बढ़ती गर्मी कई गंभीर बीमारियों का भी कारण बन सकती है, जिसको लेकर पहले से ही सावधान रहने की जरूरत है। 

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फरवरी में ही बढ़ने लगी गर्मी - फोटो : Adobe Stock
फरवरी-मार्च में ही गर्मी तोड़ रही है रिकॉर्ड

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) का कहना है कि देश ने 2025 में अब तक की तीसरी सबसे गर्म फरवरी का सामना किया। 26 फरवरी 2025 को मुंबई में तापमान 38.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था जो सामान्य से करीब 5.9 डिग्री सेल्सियस अधिक था। इसकी वजह से समय से पहले हीटवेव की चेतावनी जारी करनी पड़ी। 

विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती गर्मी के कारण हीटवेव-लू का खतरा तो बढ़ ही जाता है, साथ ही इसके गंभीर दीर्घकालिक दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। ब्लड प्रेशर, हार्ट के मरीजों के लिए ये मौसम चुनौतियां बढ़ाने वाला हो सकता है। साथ ही कई अध्ययन बताते हैं कि अधिक गर्मी के संपर्क में रहने के कारण तंत्रिका तंत्र और मस्तिष्क पर भी असर हो सकता है।

लू और गर्मी का अलर्ट - फोटो : Adobe Stock
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?

अमर उजाला से बातचीत में दिल्ली स्थित एक निजी अस्पताल में इंटेंसिव केयर के डॉक्टर शिशिर सिंह बताते हैं, अभी तो ओपीडी में गर्मी के कारण होने वाली दिक्कतों के मरीज नहीं आए हैं हालांकि जिस तरह के हालात हैं ऐसे में मार्च खत्म होते-होते तापमान और बढ़ने की आशंका है। आमतौर पर अप्रैल के आखिरी हफ्तों में लू और गर्मी के कारण होने वाली समस्याएं बढ़ जाती हैं  पर इस बार हमें पहले से ही सावधान रहने की आवश्यकता है। 

वहीं केंद्र सरकार के जलवायु परिवर्तन और मानव स्वास्थ्य पर राष्ट्रीय कार्यक्रम (एनपीसीसीएचएच) की रिपोर्ट यह भी बताती है कि अभी तक 74 फीसदी अस्पतालों के पास प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मचारी तैनात हैं, जो भीषण गर्मी से संबंधित मामलों के चिकित्सा प्रबंधन के बारे में बेहतर जानकारी रखते हैं। पर 26 फीसदी अस्पतालों के कर्मचारियों को अब तक यह प्रशिक्षण नहीं मिला है।

मस्तिष्क से संबंधित दुष्प्रभाव - फोटो : Freepik.com
बढ़ती गर्मी के कई गंभीर दुष्प्रभाव

नौ मार्च को राजधानी दिल्ली में तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अप्रैल-मई में इसके और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। जून तक तापमान 45 से ऊपर चला जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं उच्च तापमान से न सिर्फ हीट स्ट्रोक और रक्तचाप से संबंधित समस्याओं का खतरा रहता है साथ ही ये मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, उच्च गर्मी में शरीर पसीने का उत्पादन करके और रक्त वाहिकाओं को चौड़ा करके स्वयं को ठंडा करने की कोशिश करता है। हालांकि जब आप लंबे समय तक अत्यधिक गर्मी के संपर्क में रहते हैं तो यह मस्तिष्क के रसायनों जैसे सेरोटोनिन और डोपामाइन के काम करने के तरीके को भी बदल सकती है। ये स्थिति हमारे मूड को प्रभावित कर सकती है। यही कारण है कि गर्मियों में चिड़चिड़ापन, गुस्सा आने, चिंता-तनाव जैसे विकारों के मामले काफी बढ़ जाते हैं।

इसके अलावा जब शरीर लंबे समय तक उच्च तापमान के संपर्क में रहता है, तो इसके कारण आप हीट एग्जॉशन के शिकार हो सकते है। इसके कारण कमजोरी, चक्कर आने, मतली और सिरदर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। ये स्थिति हार्ट-फेफड़े और मस्तिष्क की समस्याओं को भी बढ़ाने वाली हो सकती है।
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गर्मी से बचाव की सलाह - फोटो : Adobe stock
बढ़ते तापमान में कैसे रखें सेहत का ख्याल

डॉक्टर शिशिर कहते हैं, जिस तरह से अभी के हालात हैं उसे देखते हुए सभी लोगों को अलर्ट हो जाना चाहिए। खान-पान में सुधार करें। दिनभर में खूब पानी पीते रहें। तेज धूप में जाने से बचें। गर्मी की स्थिति ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर को भी प्रभावित करने वाली हो सकती है, इसे भी कंट्रोल में रखने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना जरूरी है। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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