कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर अलर्ट
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अमेरिका में बढ़े सिकाडा वैरिएंट के मामले
अमेरिका की स्थानीय मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट में कोरोना के इस नए वैरिएंट को लेकर अलर्ट किया गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि यह नया वैरिएंट (BA.3.2) सिकाडा वैसे तो पिछले कई महीनों से चुपचाप फैल रहा था, लेकिन अब अमेरिका और दुनिया के कई हिस्सों में इसके मामले बढ़ते रिपोर्ट किए जा रहे हैं।
- यूएस की, सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने 19 मार्च की एक रिपोर्ट में बताया कि इसके मामले अमेरिका में धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं।
- विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भी इस वैरिएंट को अपनी 'वैरिएंट ऑफ मॉनिटरिंग' की सूची में शामिल कर लिया है, क्योंकि इसके मामले कई देशों में रिपोर्ट किए गए हैं।
- अब तक BA.3.2 करीब 20 देशों में रिपोर्ट किया जा चुका है। कुछ जगहों पर, कोरोना के कुल मामलों में से 30% तक के लिए इसे ही जिम्मेदार माना जा रहा है।
इम्युनिटी को चकमा देने की क्षमता वाला वैरिएंट
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इम्युनिटी को चकमा देकर संक्रमण फैला सकता है ये वैरिएंट
सीडीसी ने एक हालिया रिपोर्ट में बताया, BA.3.2 वैरिएंट के बढ़ते मामलों को देखते हुए पता चला है कि सार्स-सीओवी-2 का यह नया वैरिएंट पिछली बार हुए संक्रमण या वैक्सीनेशन से मिली इम्युनिटी को चकमा देकर फिर से लोगों को संक्रमित करने की क्षमता वाला हो सकता है।
चूंकि पिछले एक-डेढ़ साल से कोरोना शांत था, ऐसे में वैक्सीनेशन की दर की कम हुई है। इसके चलते लोगों की इस वायरस के प्रति प्रतिरोधक क्षमता कम हो सकती है, जिसका फायदा उठाते हुए नए कोरोनावायरस के अधिक आक्रमक होने की आशंका है। इस खतरे को ध्यान में रखते हुए सभी लोगों को अलर्ट रहने की आवश्यकता है।
कोरोना के नए वैरिएंट्स का खतरा
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क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
नेशनल फाउंडेशन फॉर इन्फेक्शियस डिजाज के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. रॉबर्ट हॉपकिंस जूनियर ने एक रिपोर्ट में बताया कि इस वैरिएंट की पहचान सबसे पहले जून 2025 में अमेरिका आए एक यात्री में हुई थी। अमेरिका में इसका पहला मामला जनवरी में सामने आया था।
- सिकाडा को कई हिस्सों में गंदे पानी के सैंपल में भी पाया गया है।
- दुनिया में इसका पहला मामला नवंबर 2024 में दक्षिण अफ्रीका में सामने आया था। सितंबर 2025 से संक्रमण के मामलों में हल्की ही सही लेकिन बढ़ोतरी हो रही है।
मेडिकल एक्सपर्ट्स कहते हैं, BA.3.2 वैरिएंट इसलिए अलग है क्योंकि इसमें लगभग 70 से 75 म्यूटेशन हैं, जो इसे पिछले स्ट्रेन से अलग बनाते हैं।
ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, 14 मार्च तक, यह वैरिएंट गंदे पानी के सैंपल में लगभग 3.7% था।यह मुमकिन है कि हम अमेरिका में सिकाडा को सबसे ज्यादा हावी स्ट्रेन बनते हुए देखें। अमेरिका में पहले भी गर्मियों में संक्रमण के मामलों में तेजी देखी गई थी, इसलिए हमें ज्यादा अलर्ट रहने की जरूरत है।
कोरोना संक्रमितों में क्या लक्षण देखे जा रहे हैं?
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संक्रमितों में क्या लक्षण देखे जा रहे हैं?
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि वैसे तो अभी नए वैरिएंट से संक्रमण के मामले ज्यादा नहीं हैं, फिर भी अलर्ट रहना जरूरी है। टीकाकरण की दर कम होने और संक्रमणों को रोकने के लिए फिलहाल प्रयासों की कमी हमें असुरक्षित बना देती है।
अब तक संक्रमितों में नए वैरिएंट्स के लक्षण पहले की तरह ही लग रहे हैं। लोगों में पहले की तरह नाक बहने या नाक बंद होने, सिरदर्द, थकान, छींक आने, गले में खराश, खांसी और स्वाद या गंध में दिक्कतें देखी जा रही है।
डॉ. रॉबर्ट हॉपकिंस कहते हैं, अभी ऐसा कोई डेटा नहीं है जिससे यह पता चले कि नया वैरिएंट अभी फैल रहे अन्य वैरिएंट्स की तुलना में कितना गंभीर है, हालांकि इसकी प्रकृति को लेकर सावधानी जरूरी है।
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स्रोत:
Early Detection and Surveillance of the SARS-CoV-2 Variant BA.3.2 — Worldwide, November 2024–February 2026
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