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Alert: जिस बीमारी के कारण पूर्व क्रिकेटर को हुआ था कोमा, अब कई देशों में तेजी से बढ़ रहे हैं इसके मामले

Sat, 28 Mar 2026 08:13 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मेनिनजाइटिस रोग के मामले इन दिनों यूनाइटेड किंगडम के लिए गंभीर चिंता का कारण बने हुए हैं। यहां एक नाइट कल्ब से फैला ये संक्रमण धीरे-धीरे इतना खतरनाक रूप लेता जा रहा है कि यहां यूनिवर्सिटी ऑफ केंट के छात्रों ने सुरक्षा को देखते हुए लॉकडाउन तक लगाने की मांग कर डाली है। यहां ध्यान देने वाली बात ये भी है कि हाल ही में ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर डेमियन मार्टिन भी इस रोग का शिकार रह चुके हैं।
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मेनिनजाइटिस रोग का प्रकोप, क्रिकेटर भी रह चुका है शिकार - फोटो : Amarujala.com
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विस्तार
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वैश्विक हेल्थ रिपोर्ट्स पर नजर डालें तो पता चलता है कि इन दिनों मेनिनजाइटिस रोग को लेकर विशेषज्ञ अलर्ट पर हैं। यूनाइटेड किंगडम (यूके) में पिछले कुछ हफ्तों से जैसे हालात बने हुए हैं, वह इस बढ़ती संक्रामक बीमारी को लेकर गंभीर चेतावनी है। 23 मार्च को अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने बताया था कि यूके स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ केंट में बढ़ते संक्रमण के मामलों के चलते छात्रों में डर का माहौल है, लिहाजा छात्रों ने प्रशासन से लॉकडाउन लगाने तक की मांग कर डाली है।

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पिछले सप्ताह कैंटरबरी के 'क्लब केमिस्ट्री' नाइटक्लब से इस संक्रमण के प्रकोप फैला था। इसके अब तक 20 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, दो छात्रों की इससे मौत भी हुई है। मेडिकल रिपोर्ट्स में स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं मेनिनजाइटिस के मामले काफी गंभीर हो सकते हैं, संक्रमितों में कोमा होने और जान जाने का भी खतरा रहता है। 

गौरतलब है कि मेनिनजाइटिस वही बीमारी है जिसकी चपेट में ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर डेमियन भी आ चुके हैं, वह कोमा में चले गए थे। अब यही बीमारी यूके सहित कई अन्य हिस्सों में तेजी से बढ़ रही है जिसको लेकर विशेषज्ञ काफी चिंतित हैं।

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मेनिनजाइटिस प्रकोप को लेकर अलर्ट - फोटो : Amarujala.com
पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर भी रह चुका है इसका शिकार
 
इस साल की शुरुआत में खबर आई थी कि ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी डेमियन मार्टिन को मेनिनजाइटिस बीमारी हो गई है जिसके चलते वह कोमा में हैं। उनकी हालत काफी नाजुक बनी हुई थी, हालांकि डॉक्टरों ने अपने अथक प्रयास से उनकी जान बचा ली थी। अब इसी बीमारी के मामले यूके में तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। 
 
  • मेनिनजाइटिस दिमाग और रीढ़ की हड्डी के आसपास के फ्लूइड और झिल्लियों में होने वाला संक्रमण और सूजन है। 
  • इन झिल्लियों को मेनिन्जेस कहा जाता है। मेनिन्जाइटिस के कारण हुए सूजन के चलते रोगियों को अक्सर सिरदर्द, बुखार और गर्दन में अकड़न जैसे लक्षण होते हैं। 
  • मेनिनजाइटिस गंभीर जटिलताओं का भी कारण बन सकती है। अगर इसका समय पर पहचान और इलाज न हो पाए तो दौरे पड़ने और तंत्रिकाओं को क्षति और कोमा तक का खतरा हो जाता है।

वैक्सीनेशन बढ़ाकर संक्रमण रोकने की कोशिश - फोटो : Freepik.com
संक्रमण से बचाव के लिए बढ़ाई जा रही है वैक्सीनेशन

यूके में यूनिवर्सिटी ऑफ केंट में इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी पहले ही मेनिनजाइटिस के प्रसार को 'राष्ट्रीय घटना' घोषित कर चुकी है। वैसे तो इस रोग से बचाव और गंभीरता को कम करन के लिए टीके उपलब्ध हैं, पर खबरों के मुताबिक यूके के प्रभावित हिस्सों में वैक्सीन की कमी भी हो गई है।
 
  • ताजा जानकारियों के मुताबिक संक्रमण के जोखिमों को कम करने के लिए केंट क्षेत्र में स्कूली बच्चों को इस जानलेवा बीमारी से बचाने के लिए मेनिनजाइटिस बी का टीका लगाने की घोषण की गई है। 
  • स्वास्थ्य सचिव वेस स्ट्रीटिंग ने कहा कि टीकाकरण को आस-पास के इलाकों के उन स्कूलों में भी बढ़ाया जाएगा, जहां मेनिनजाइटिस के मामले सामने आए हैं या उनका संदेह है। 
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मेनिनजाइटिस को कंट्रोल करने का प्रयास जारी - फोटो : Freepik.com
वैक्सीनेशन से कंट्रोल में आ सकती है बीमारी

यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी (UKHSA) ने 23 मार्च को जानकारी दी थी कि फिलहाल मेनिनजाइटिस के 20 मामले सामने आए हैं, और तीन मामलों की अभी भी जांच चल रही है। अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि सभी आवश्यक सावधानियां बरती जाएं। इस बीमारी के शिकार आमतौर पर हर व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता पड़ती है।

अधिकारियों का मानना है कि ग्रुप बी मेनिंगोकोकल बैक्टीरिया का एक नया म्यूटेशन इस प्रकोप का कारण बन रहा है। हालांकि, शुरुआती संकेत से पता चलता है कि एंटीबायोटिक्स और टीके इसके खिलाफ प्रभावी रूप से काम कर रहे हैं। 

UKHSA के मुख्य वैज्ञानिक अधिकारी, प्रोफेसर रॉबिन कहते हैं, प्रारंभिक विश्लेषण से हमें पता चलता है कि मौजूदा टीके और एंटीबायोटिक उपचार इस स्ट्रेन (बैक्टीरिया के प्रकार) के खिलाफ प्रभावी हो सकते हैं। हमें उम्मीद है कि इस रोग पर आसानी से नियंत्रण पाया जा सकता है।




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स्रोत:
Meningitis vaccination rolled out to GCSE schoolchildren amid ongoing outbreak


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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