भारत में कोरोनावायरस के मामले
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देश में कोरोना के हालिया अपडेट्स
1. कोरोनावायरस दिल्ली-एनसीआर में भी बढ़ रहा है जिसे देखते हुए सभी लोगों को सावधान किया गया है।
गौतम बुद्ध नगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की एक 55 वर्षीय महिला में कोरोना संक्रमण की पुष्टि की गई है। ये इस बार बढ़ते संक्रमण के बीच नोएडा में पहला मामला है। सीएमओ, नरेंद्र कुमार के अनुसार, महिला को आइसोलेट कर दिया गया है, परिवार के अन्य सदस्यों की भी जांच कई गई हालांकि उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। महिला ने कुछ दिन पहले ट्रेन से यात्रा की थी।
2. इससे पहले, एम्स ऋषिकेश ने तीन कोविड मामलों की सूचना दी थी। एम्स ऋषिकेश की निदेशक मीनू सिंह ने बताया कि तीन में से एक मरीज को पहले ही छुट्टी दे दी गई है। एक मरीज स्थानीय है जिसे आइसोलेशन में रखा गया है जबकि एक अन्य मरीज गुजरात से है जो बद्रीनाथ यात्रा के लिए यहां आया था। डॉ. सिंह ने यह भी बताया कि कोविड का यह प्रकार बहुत हानिकारक नहीं है, लेकिन लोगों को सतर्क रहना चाहिए।
3. बेंगलुरु में एक 84 साल के कोविड पॉजिटिव मरीज की मौत हो गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि मरीज को 13 मई को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था और 17 मई को उसकी मृत्यु हो गई, वह कोमोरबिडिटी का शिकार थे। उसका कोविड टेस्ट का नतीजा शनिवार को पॉजिटिव आया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राज्य में अब तक 38 कोविड मामले सामने आए हैं, जिनमें से 32 बेंगलुरु में हैं।
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कोरोनावायरस और इसके वैरिएंट्स
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अमेरिका भी बढ़ने लगा संक्रमण
एशियााई देशों के साथ-साथ अब
अमेरिका में भी कोरोना के नए मामलों में उछाल देखी गई है। रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (सीडीसी) ने एक रिपोर्ट में बताया कि देश में कोरोना के नए मामलों में वृद्धि हुई है, जांच में इसके लिए एनबी.1.8.1 वैरिएंट के प्रमुख पाया गया है, ये ओमिक्रॉन का ही एक सब-वैरिएंट है। यही वैरिएंट भारत में भी देखा जा रहा है, जो पहले चीन-हांगकांग में भी बढ़ते संक्रमण के लिए जिम्मेदार पाया गया था।
सीडीसी के प्रवक्ता ने कहा कि फिलहाल इस वैरिएंट के मामले इतने अधिक नहीं हैं कि इसे कोविड डेटा ट्रैकर में शामिल किया जाए, हालांकि सभी लोगों को बढ़ते जोखिमों को देखते हुए अलर्ट जरूर किया गया है। अभी तक यू.एस. बेसलाइन सर्विलांस डेटा में NB.1.8.1 के 20 से भी कम सीक्वेंस हैं, इसलिए यह कोविड डेटा ट्रैकर डैशबोर्ड में शामिल होने की सीमा को पूरा नहीं कर पाया है। हम सार्स-सीओवी-2 के सभी सीक्वेंस की निगरानी करते हैं, और अगर यह अनुपात में बढ़ता है, तो आगे विचार किया जाएगा।
NB.1.8.1 वैरिएंट को अब तक ज्यादा खतरनाक नहीं पाया गया है और इससे संक्रमित भी आसानी से ठीक हो जाते हैं। पर इसकी संक्रामकता दर अधिक है जिससे एक बार बढ़ने के बाद इसे नियंत्रित करना कठिन हो सकता है, इसलिए पहले से ही सावधानी जरूरी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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