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Covid-19: दिल्ली-एनसीआर में भी कोरोना की दस्तक, विशेषज्ञ ने समझाया अचानक कैसे बढ़ने लगा संक्रमण?

Fri, 23 May 2025 09:55 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Covid-19: दक्षिण-पूर्व एशिया में कोविड-19 के मामलों में हाल ही में हुई वृद्धि के बाद, भारत में भी नए मामले रिपोर्ट किए जा रहे हैं, जिनमें से अधिकांश केरल, महाराष्ट्र, गुजरात और तमिलनाडु से सामने आए हैं। आइए विशेषज्ञ से समझते हैं कि आखिर कोरोना अचानक कैसे बढ़ने लगा?
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क्यों बढ़ रहा है कोरोना? - फोटो : Freepik.com
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विस्तार
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कोरोनावायरस संक्रमण के मामले भारत सहित दुनिया के कई देशों में बढ़ते हुए रिपोर्ट किए जा रहे हैं। विशेषतौर पर एशियाई देशों- हांगकांग-सिंगापुर, चीन के बाद अब भारत में भी इसके मामले चिंता बढ़ा रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के डैशबोर्ड के मुताबिक देश में फिलहाल कोरोना के 257 एक्टिव केस हैं, केरल सबसे प्रभावित राज्य है।

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दिल्ली-एनसीआर और आसपास के शहरों में भी संक्रमितों की पुष्टि की गई है। गुरुग्राम और फरीदाबाद में कोरोनावायरस संक्रमण के तीन मामले सामने आए हैं। एक अधिकारी ने गुरुवार बताया कि गुरुग्राम से दो और फरीदाबाद से एक मामला सामने आया। गुरुग्राम में हाल ही में मुंबई से लौटी 31 वर्षीय महिला में संक्रमण की पुष्टि हुई है, वहीं दूसरे मरीज की कोई ट्रैवेल हिस्ट्री नहीं रही है। 

दक्षिण-पूर्व एशिया में कोविड-19 के मामलों में हुई हालिया वृद्धि के बाद, भारत में भी लोगों को अलर्ट किया गया है। यहां अधिकांश मामले केरल, महाराष्ट्र, गुजरात और तमिलनाडु से सामने आए हैं। अच्छी बात ये है कि ज्यादातर मामले हल्के हैं और लोगों को गंभीर दिक्कतें नहीं हो रही हैं।
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(ये भी पढ़िए-  हफ्ते भर में ही कोरोना ने बढ़ा दी टेंशन, महामारी विशेषज्ञ से जानिए कितना खतरनाक है फैल रहा वैरिएंट)

कोरोनावायरस (कोविड 19) के मामले - फोटो : Adobe stock photos
उत्तर प्रदेश में हालात की समीक्षा

कोविड-19 के बढ़ते मामलों को लेकर बनी चिंता के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में प्रदेश में कोविड-19 की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने जनता को आश्वस्त किया कि राज्य में चिंता की कोई बात नहीं है, हालांकि वैश्विक संदर्भ को देखते हुए सतर्कता और एहतियात जरूरी है।

आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा कि केंद्र सरकार ने कोविड-19 के संबंध में कोई नई एडवाइजरी जारी नहीं की है। फिर भी सभी लोगों को अपने जोखिमों को देखते हुए अलर्ट पर रहने की जरूरत है। 

कोरोनावायरस और इसका खतरा - फोटो : Adobe stock photos
ओमिक्रॉन ही है बढ़ते संक्रमण की प्रमुख वजह

मेडिकल रिपोर्ट्स पर नजर डालें तो पता चलता है कि दुनियाभर में बढ़ते संक्रमण के लिए ओमिक्रॉन का JN.1 वैरिएंट जिम्मेदार है। अलग-अलग हिस्सों में ओमिक्रॉन के कुछ अन्य सब-वैरिएंट्स भी देखे जा रहे हैं, हालांकि इन सभी की प्रकृति लगभग समान है।
  • इससे संक्रमितों में ज्यादा गंभीर रोग विकसित होने का खतरा नहीं रहता है।
  • जिन लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है या फिर जिन्हें पहले से एक-दो क्रॉनिक बीमारियां (कोमोरबिडिटी) रही हैं, उनमें इसके कारण गंभीर समस्याएं विकसित होने का खतरा हो सकता है।

(कोरोना संक्रमण के बीच एक नई वैक्सीन को मंजूरी, ये वैरिएंट बढ़ा रहा है चिंता)
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अचानक क्यों बढ़ने लगा है संक्रमण? - फोटो : Freepik.com
अचानक संक्रमण बढ़ने की क्या वजह है?

अमर उजाला से बातचीत में पुणे स्थित एक निजी अस्पताल में इंटेंसिव केयर यूनिट के डॉक्टर निर्वाण अस्थाना बताते हैं, संक्रमण के बढ़ते मामलों के लिए कोई नया वैरिएंट जिम्मेदार नही हैं। JN.1 वैरिएंट प्रमुखता से देखा जा रहा है जिसे स्वास्थ्य विशेषज्ञ एक साल से अधिक समय से जानते हैं। 

अचानक ये वैरिएंट कैसे एक्टिव हो गया है, लोग कैसे संक्रमित होने लगे हैं, इसका प्रमुख कारण है वायरस की प्रकृति।

1. कोई भी वायरस अपने आप को जीवित रखने के लिए लगातार परिवर्तित होता रहता है, इससे उसके स्पाइक प्रोटीन में बदलाव आता है। इस बदलाव को समझने के लिए शरीर की प्रतिरक्षा को समय लग सकता है, जिसके कारण कुछ लोगों में संक्रमण हो सकता है।

2. पहले भी कई अध्ययन बताते रहे हैं कि कोरोना के खिलाफ हमारे शरीर में वैक्सीन से बनी इम्युनिटी समय के साथ कमजोर हो सकती है। अधिकतर लोगों को वैक्सीन का आखिरी डोज लिए साल भर से अधिक का समय हो गया है। इस दौरान प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हुई और वायरस ने अपने आप को थोड़ा बदल लिया। ये दो स्थितियां हैं जो एक बार फिर से कोरोना का बढ़ा रही हैं।

3. हालांकि हमें ये हमेशा ध्यान रखना होगा कि वैक्सीन ने हमारी इम्युनिटी को कोरोना और इसके तमाम सब-वैरिएंट्स से मुकाबला करना सिखा दिया है, इसलिए संक्रमण के बहुत तेज फैलने या गंभीर रूप लेने की आशंका कम है। कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन करके हम इन जोखिमों को और भी कम कर सकते हैं।



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नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
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