कोरोनावायरस (कोविड 19) के मामले
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उत्तर प्रदेश में हालात की समीक्षा
कोविड-19 के बढ़ते मामलों को लेकर बनी चिंता के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में प्रदेश में कोविड-19 की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने जनता को आश्वस्त किया कि राज्य में चिंता की कोई बात नहीं है, हालांकि वैश्विक संदर्भ को देखते हुए सतर्कता और एहतियात जरूरी है।
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा कि केंद्र सरकार ने कोविड-19 के संबंध में कोई नई एडवाइजरी जारी नहीं की है। फिर भी सभी लोगों को अपने जोखिमों को देखते हुए अलर्ट पर रहने की जरूरत है।
कोरोनावायरस और इसका खतरा
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ओमिक्रॉन ही है बढ़ते संक्रमण की प्रमुख वजह
मेडिकल रिपोर्ट्स पर नजर डालें तो पता चलता है कि दुनियाभर में बढ़ते संक्रमण के लिए ओमिक्रॉन का JN.1 वैरिएंट जिम्मेदार है। अलग-अलग हिस्सों में ओमिक्रॉन के कुछ अन्य सब-वैरिएंट्स भी देखे जा रहे हैं, हालांकि इन सभी की प्रकृति लगभग समान है।
- इससे संक्रमितों में ज्यादा गंभीर रोग विकसित होने का खतरा नहीं रहता है।
- जिन लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है या फिर जिन्हें पहले से एक-दो क्रॉनिक बीमारियां (कोमोरबिडिटी) रही हैं, उनमें इसके कारण गंभीर समस्याएं विकसित होने का खतरा हो सकता है।
अचानक क्यों बढ़ने लगा है संक्रमण?
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अचानक संक्रमण बढ़ने की क्या वजह है?
अमर उजाला से बातचीत में पुणे स्थित एक निजी अस्पताल में इंटेंसिव केयर यूनिट के डॉक्टर निर्वाण अस्थाना बताते हैं, संक्रमण के बढ़ते मामलों के लिए कोई नया वैरिएंट जिम्मेदार नही हैं। JN.1 वैरिएंट प्रमुखता से देखा जा रहा है जिसे स्वास्थ्य विशेषज्ञ एक साल से अधिक समय से जानते हैं।
अचानक ये वैरिएंट कैसे एक्टिव हो गया है, लोग कैसे संक्रमित होने लगे हैं, इसका प्रमुख कारण है वायरस की प्रकृति।
1. कोई भी वायरस अपने आप को जीवित रखने के लिए लगातार परिवर्तित होता रहता है, इससे उसके स्पाइक प्रोटीन में बदलाव आता है। इस बदलाव को समझने के लिए शरीर की प्रतिरक्षा को समय लग सकता है, जिसके कारण कुछ लोगों में संक्रमण हो सकता है।
2. पहले भी कई अध्ययन बताते रहे हैं कि कोरोना के खिलाफ हमारे शरीर में वैक्सीन से बनी इम्युनिटी समय के साथ कमजोर हो सकती है। अधिकतर लोगों को वैक्सीन का आखिरी डोज लिए साल भर से अधिक का समय हो गया है। इस दौरान प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हुई और वायरस ने अपने आप को थोड़ा बदल लिया। ये दो स्थितियां हैं जो एक बार फिर से कोरोना का बढ़ा रही हैं।
3. हालांकि हमें ये हमेशा ध्यान रखना होगा कि वैक्सीन ने हमारी इम्युनिटी को कोरोना और इसके तमाम सब-वैरिएंट्स से मुकाबला करना सिखा दिया है, इसलिए संक्रमण के बहुत तेज फैलने या गंभीर रूप लेने की आशंका कम है। कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन करके हम इन जोखिमों को और भी कम कर सकते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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