कोरोना संक्रमण और इसका खतरा
- फोटो : Adobe Stock Photos
कितने लोग हो रहे हैं लॉन्ग कोविड का शिकार?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने एक रिपोर्ट में बताया कि हर 100 कोविड रोगियों में से लगभग 6 में समय के साथ लॉन्ग कोविड की स्थिति विकसित होती है, जिसके लक्षण वायरल संक्रमण के खत्म होने के बाद भी महीनों तक बने रहते हैं। कुछ रोगियों में इसके कारण दीर्घकालिक लक्षण विकसित होने के भी खतरे देखे जाते रहे हैं जो जोखिमों को और भी बढ़ा देता है।
करीब दो साल पहले कोरोना की इसी तरह की स्थिति को देखते हुए डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस ने इसे वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया था।
बच्चे भी लॉन्ग कोविड का हो सकते हैं शिकार
कोरोना के दीर्घकालिक जोखिमों में हृदय स्वास्थ्य, मेंटल हेल्थ की समस्याओं को लेकर पहले के कई अध्ययनों में भी बताया जाता रहा था, हालांकि एक हालिया रिपोर्ट में वैज्ञानिकों ने कहा है कि संक्रमण का शिकार रहे बच्चे भी लॉन्ग कोविड का शिकार हो सकते हैं। इसका सबसे बड़ा दुष्प्रभाव ये है कि ये समस्या बच्चों की सेहत को दीर्घकालिक रूप से प्रभावित करने वाली हो सकती है।
(कोरोना की कम होती रफ्तार पर नहीं टला खतरा, एक-दो नहीं इन 6 वैरिएंट्स को WHO मान रहा है चिंताजनक)
बच्चों में पोस्ट कोविड की समस्याएं
- फोटो : Freepik.com
बच्चों में लंबे समय तक कोरोना के दुष्प्रभाव
शोधकर्ताओं ने विभिन्न आयु समूहों, विशेष रूप से छोटे बच्चों में लंबे समय तक कोरोना के दुष्प्रभावों के लक्षण बने रहने के बारे में जानकारी दी है।
वर्जीनिया कॉमनवेल्थ यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ नर्सिंग की प्रोफेसर एमी सैलिसबरी और रिसर्चिंग कोविड टू एन्हांस रिकवरी पहल का हिस्सा रहीं प्रोफेसर पेट्रीसिया किन्सर ने बताया कि कोविड-19 बच्चों, किशोरों और युवा वयस्कों को लंबे समय तक प्रभावित करता है।
जर्नल ऑफ द अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन में प्रकाशित एक अध्ययन में विशेषज्ञों ने बताया कि छोटे बच्चों में लॉन्ग कोविड के कारण कई तरह की समस्याएं देखी जा रही हैं जिनमें सोने में परेशानी, चिड़चिड़ापन, भूख न लगना, सूखी खांसी और ऊर्जा में कमी सबसे आम है।
लॉन्ग कोविड की समस्या पर दें ध्यान (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : Freepik
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
विशेषज्ञों की टीम ने बताया कि बच्चों में लॉन्ग कोविड की समस्याओं पर ध्यान देना जरूरी हो जाता है। लॉन्ग कोविड के लक्षण बच्चों के खेलने या दूसरों के साथ बातचीत करने के तरीके को प्रभावित कर सकते हैं। इसका असर उनके संपूर्ण विकास पर देखा जाता रहा है। बच्चे के लक्षणों को समझना माता-पिता, स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए जरूरी है ताकि इन जोखिमों से बचाव किया जा सके।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा है कि अगर आपके बच्चे को भी पहले कोरोना का संक्रमण रह चुका है तो एहतियातन डॉक्टर से मिलकर स्वास्थ्य की जांच जरूर करा लें।
--------------
स्रोत
Characterizing Long COVID Symptoms During Early Childhood
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।