देश में महामारी की विनाशकारी दूसरी लहर से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आवश्यक दवाओं और टीकों की कमी के बीच एक अच्छी खबर सामने आ रही है। भारत की प्रमुख दवा कंपनी जाइडस कैडिला ने हल्के कोविड-19 के इलाज के लिए अपने एंटीबॉडी कॉकटेल के इंसानों पर क्लिनिकल ट्रायल के लिए ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया यानी डीसीजीआई की अनुमति मांगी है। दावा किया जा रहा है कि यह एंटीबॉडी कॉकटेल कोरोना संक्रमण को बेअसर कर सकता है। इसका नाम ZRC-3308 रखा गया है।
इसी महीने की शुरुआत में रेजेनरॉन और रोश के एंटीबॉडी कॉकटेल को भारत में आपातकालीन उपयोग की मंजूरी भी मिली है और दवा निर्माता सिप्ला द्वारा इसका वितरण भी किया जा रहा है। इस कॉकटेल का पहला बैच इस सप्ताह की शुरुआत में देश में उपलब्ध हो गया है, जिससे कोरोना मरीजों का इलाज किया जाएगा।
सिप्ला का कहना है कि क्लिनिकल ट्रायल के नतीजों से पता चलता है कि उसका एंटीबॉडी कॉकटेल कोरोना मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने और मृत्यु दर के जोखिम को 70 फीसदी तक कम कर सकता है।