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Coronavirus vaccine: कोरोना वायरस से कब तक बचाएगी रूस की वैक्सीन? जानें क्या कहते हैं इसे बनाने वाले वैज्ञानिक

Fri, 14 Aug 2020 04:19 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Coronavirus vaccine update - फोटो : Pixabay/Amarujala
रूस के दावे के मुताबिक, उसने कोरोना की कारगर और प्रभावी वैक्सीन बना तो ली है, लेकिन कई देशों को उसपर विश्वास नहीं है। यहां तक कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी रूस की वैक्सीन पर संदेह जताया है। यह भी कहा जा रहा है कि रूस ने वैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल पूरा ही नहीं किया है, फिर किस आधार पर वह वैक्सीन के सफल होने का दावा कर रहा है। हालांकि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 11 अगस्त को ही यह घोषणा की थी कि रूस की वैक्सीन ने सभी जरूरी परीक्षणों को पार किया है और यह कोरोना वायरस के खिलाफ शरीर को इम्यूनिटी देने में सफल रही है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या यह वैक्सीन हमेशा कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाएगी। इसकी कोई निश्चित समय-सीमा है या नहीं? आइए जानते हैं इस बारे में वैक्सीन बनाने वाले वैज्ञानिकों का क्या कहना है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
  • रूसी न्यूज एजेंसी तॉस के मुताबिक, इस वैक्सीन को विकसित करने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि यह कोरोना वायरस के खिलाफ दो साल तक शरीर को सुरक्षा प्रदान करेगी। मॉस्को के गमलेया रिसर्च सेंटर फॉर एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी के निदेशक और रूसी हेल्थकेयर मंत्रालय के अलेक्जेंडर गिंट्सबर्ग की मानें तो इस वैक्सीन के प्रभावी रहने की अवधि दो साल होगी। पहले रूसी स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी कुछ ऐसा ही दावा किया था। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
रूस की इस वैक्सीन का नाम स्पूतनिक-वी (Sputnik-V) क्यों? 
  • दरअसल, 1957 में रूस ने पहली सैटेलाइट लॉन्च की थी और दुनिया को चौंका दिया था। इस सैटेलाइट का नाम 'स्पूतनिक' रखा गया था। अब चूंकि रूस अपने वैक्सीन को दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन मान रहा है, ऐसे में उसने पहली सैटेलाइट के नाम पर ही वैक्सीन का नाम 'स्पूतनिक-वी' रख दिया। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media
क्या भारत में भी बनेगी रूस की कोरोना वैक्सीन? 
  • मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रशियन डॉयरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड ने अपने बयान में कहा है कि इस वैक्सीन का उत्पादन भारत समेत ब्राजील, दक्षिण कोरिया, तुर्की, क्यूबा और सऊदी अरब में किया जाएगा। आपको बता दें कि रशियन डॉयरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड नामक संस्था ने ही रूसी कोरोना वैक्सीन परियोजना के लिए फंड मुहैया कराया था।  
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
साल के अंत तक 20 करोड़ खुराक तैयार करने का लक्ष्य, लेकिन रूस के लिए कितनी? 
  • रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूस की वैक्सीन का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू होगा। इसके सितंबर में शुरू होने की उम्मीद है। रूस का कहना है कि उसने इस साल के अंत तक वैक्सीन की 20 करोड़ खुराक तैयार करने का लक्ष्य रखा है, जिसमें से तीन करोड़ डोज सिर्फ रूस के लोगों के लिए होगी। 
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Russia vaccine update - फोटो : social media
लेकिन रूस ने अब तक पूरा नहीं किया है तीसरे चरण का ट्रायल 
  • चूंकि रूस अब वैक्सीन के उत्पादन के बारे में सोच रहा है, लेकिन कहा जा रहा है कि उसने अब तक तीसरे चरण का ट्रायल ही पूरा नहीं किया है। बीबीसी के मुताबिक, एक वेबसाइट में यह दावा किया गया कि रूस वैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, ब्राजील और मैक्सिको में करेगा। इसका साफ-साफ मतलब तो यही निकलता है कि रूस ने अभी तक तीसरे चरण का ट्रायल पूरा किया ही नहीं है।  
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