चिरंजीत धीबर
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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चिरंजीत पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में एक स्कूल में शिक्षक हैं। साथ ही वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सदस्य भी हैं। उन्होंने कहा, 'इसने मुझे तुरंत महसूस कराया कि देश के लिए कुछ करने का मौका है। यह खतरनाक बीमारी पूरे देश में फैल रही है और मुझे अब इसे खत्म करने में योगदान करने का मौका मिला है।' हालांकि शुरुआत में उन्हें अपने माता-पिता से काफी विरोध का सामना करना पड़ा था, लेकिन बाद में उन्होंने उन्हें इसके लिए मना लिया था। उनके पिता तुषार कुमार ने कहा, 'हमारे मन में हमेशा एक डर बना रहता है, क्योंकि हमने कभी ऐसी स्थिति का सामना नहीं किया। हमें उम्मीद है कि मानव परीक्षण सफल होगा और कोरोना का टीका (वैक्सीन) जल्दी से मिल जाएगा।'