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क्या सभी लोग कर सकते हैं प्लाज्मा डोनेट? जानिए प्लाज्मा थेरेपी से जुड़ी जानकारी

Fri, 03 Jul 2020 07:51 PM IST
योगेश जोशी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना के गंभीर मरीजों को बचाने के लिए प्लाज्मा थेरेपी को कारगर माना जा रहा है- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
कोरोना वायरस के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अभी तक इस वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए कोई भी दवाई नहीं बन पाई है। आपको बता दें देश दुनिया में कोविड-19 की दवाई को लेकर कई ट्रायल चल रहे हैं, पर अभी तक कोई भी दवाई बन नहीं पाई है। 

इस समय कोरोना के गंभीर मरीजों को बचाने के लिए प्लाज्मा थेरेपी को कारगर माना जा रहा है। आपको बता दें कि देश की राजधानी दिल्ली में प्लाज्मा बैंक की शुरुआत करने की तैयारियां चल रही हैं। आज हम आपको प्लाज्मा थेरेपी से जुड़ी जानकारियां देंगे।

 
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खून से प्लाज्मा को अलग कर मरीजों को प्लाज्मा थेरेपी दी जाती है- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
  • प्लाज्मा थेरेपी क्या है?
खून से प्लाज्मा को अलग कर मरीजों को प्लाज्मा थेरेपी दी जाती है। पहले भी प्लाज्मा थेरेपी का प्रयोग कई बीमारियों में हो चुका है। कोरोना वायरस से जान बचाने के लिए प्लाज्मा थेरेपी का उपयोग किया जा रहा है। कोरोना से संक्रमित व्यक्ति के स्वस्थ हो जाने के बाद उसके शरीर में एंटीबॉडी बन जाती हैं। ये एंटीबॉडी व्यक्ति के खून के अंदर मौजूद प्लाज्मा में होती हैं। इसे ही कोरोना से गंभीर रूप से संक्रमित व्यक्तियों को चढ़ाया जाता है। 

प्लाज्मा थेरेपी की मदद से कोरोना वायरस के संक्रमण से ठीक हो चुके व्यक्ति के शरीर में मौजूद एंटीबॉडी की सहायता से मरीज के रक्त में मौजूद वायरस को समाप्त किया जा सकता है।



 
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सदियों से हो रहा है प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : PTI
सदियों से हो रहा है प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल
  • प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल सिर्फ कोरोना वायरस में ही नहीं हो रहा है। इससे पहले से इसका इस्तेमाल होता आ रहा है। आपको बता दें सार्स, मर्स और एच1एन1 जैसी महामारियों के इलाज में भी प्लाज्मा थेरेपी का ही इस्तेमाल किया गया था।


 

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कोरोना से गंभीर रूप से संक्रमित मरीजों का इलाज करने के लिए प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल किया जा रहा है- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pti
किन मरीजों को दी जाती है प्लाज्मा थेरेपी
  • ऐसे मरीज जो ऑक्सीजन और वेंटिलेटर के बाद भी ठीक नहीं हो पाते हैं, उन्हें प्लाज्मा थेरेपी दी जाती है। कोरोना से गंभीर रूप से संक्रमित मरीजों का इलाज करने के लिए प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल किया जा रहा है। 

 
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कोरोना वायरस के संक्रमण से ठीक हो चुके मरीज प्लाज्मा डोनेट कर सकते हैं- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media
  • कौन कर सकता है प्लाज्मा डोनेट
कोरोना वायरस के संक्रमण से ठीक हो चुके मरीज प्लाज्मा डोनेट कर सकते हैं। इसके अलावा कोई भी स्वस्थ व्यक्ति प्लाज्मा डोनेट कर सकता है। स्वस्थ व्यक्ति अगर प्लाज्मा डोनेट करता है तो उसकी सेहत पर किसी भी प्रकार का कोई असर नहीं पड़ता है।

स्वस्थ व्यक्ति से  200-250 ml प्लाज्मा लिया जाता है और मरीज को 200 ml तक ही दिया जाता है।

अगली स्लाइड्स में जानिए प्लाज्मा डोनेट करने के नियम...
 
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18 वर्ष से 60 वर्ष तक की आयु के स्वस्थ व्यक्ति प्लाज्मा डोनेट कर सकते हैं- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Instagram
प्लाज्मा डोनेट करने के नियम
  • कोरोना वायरस के संक्रमण से ठीक होने के 28 दिन बाद प्लाज्मा डोनेट किया जा सकता है।
  • 18 वर्ष से 60 वर्ष तक की आयु के स्वस्थ व्यक्ति प्लाज्मा डोनेट कर सकते हैं।
  • प्लाज्मा डोनेट करने वाले का वजन 50 किलोग्राम से अधिक होना चाहिए।
  • प्लाज्मा डोनेर का हीमोग्लोबिन काउंट 8 से ऊपर होना चाहिए।
अगली स्लाइड में जानिए कौन प्लाज्मा डोनेट नहीं कर सकता है..
 
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गर्भवती महिलाएं प्लाजमा डोनेट नहीं कर सकती हैं- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
  • बीमार व्यक्ति और गर्भवती महिलाएं नहीं कर सकती प्लाज्मा डोनेट
जिन लोगों को कोई बीमारी है वे प्लाजमा डोनेट नहीं कर सकते हैं। जैसे-
  • डायबिटीज
  • कैंसर 
  • हार्ट से संबंधित समस्याएं 
  • लीवर प्रॉब्लम 
  • कीडनी से संबंधित बीमारियां
  • ब्लड प्रेशर की समस्या
इसके अलावा गर्भवती महिलाएं भी प्लाजमा डोनेट नहीं कर सकती हैं। 
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