Medically Reviewed by Dr. Rajan Gandhi
डॉ. राजन गांधी
जनरल फिजिशियन, चाइल्डकेयर हॉस्पिटल, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, डिप्लोमा सी.एच
अनुभव- 25 वर्ष
दुनिया एक बहुत बड़े स्वास्थ्य संकट से गुजर रही है और हालांकि हमारे दिमाग में बहुत कुछ चल रहा है, हम इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि शारीरिक अंतरंगता उनमें से एक है। चूंकि यह एक महामारी है और इसका मतलब है कि हम स्वास्थ्य के प्रति पहले से कहीं अधिक सतर्क हैं और मास्क पहनना, सुरक्षित शारीरिक दूरी अपनाना, बार-बार हाथ धोना और साफ-सफाई करना जैसे नियमों का पालन कर रहे हैं। ऐसे में मन में एक सवाल उठता है कि इस महामारी के दौरान शारीरिक संबंध बनाना कितना सुरक्षित है? क्या ऐसा करना सही है?
वैसे तो कोरोना काल में शारीरिक संबंध के मामले पर अभी तक किसी भी तरह के दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि महामारी के दौरान यौन संबंध को लेकर सतर्क रहना चाहिए। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कनाडा की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर टैम थेरेसा ने पिछले साल बताया था कि पार्टनर के साथ शारीरिक संबंध बनाते समय मास्क लगाने से कोरोना वायरस का खतरा कम होता है।
किस तरह की सावधानियां हैं जरूरी?
विशेषज्ञ कहते हैं कि पार्टनर के साथ लव मेकिंग के दौरान किस करने से बचना चाहिए। उनका यह भी कहना है कि इस कोरोना काल में लोगों को फेस टू फेस कॉन्टैक्ट से ही बचना चाहिए। अगर आप शारीरिक संबंध भी बना रहे हैं तो ऐसा मास्क पहनें, जिसमें नाक और मुंह पूरी तरह से ढंके हुए हों और इसको लेकर खुद के अलावा अपने पार्टनर का भी ध्यान रखें।
इन बातों का भी रखें ध्यान
कोरोना संबंधी किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर एक-दूसरे को बताएं और डॉक्टर से संपर्क करें। विशेषज्ञों का सुझाव है कि कपल भले ही एक साथ क्यों न रहते हों, लेकिन कोरोना के लक्षण दिखने पर आपस में कम से कम दो मीटर की दूरी बनाए रखें। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो अपने पार्टनर के साथ-साथ आप भी संक्रमित हो सकते हैं।
नोट: डॉ. राजन गांधी अत्यधिक योग्य और अनुभवी जनरल फिजिशियन हैं। इन्होंने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से अपना एमबीबीएस पूरा किया है। इसके बाद इन्होंने सीएच में डिप्लोमा पूरा किया। फिलहाल यह उजाला सिग्नस कुलवंती अस्पताल, कानपुर में मेडिकल डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन के तौर पर काम कर रहे हैं। यह आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के आजीवन सदस्य भी हैं। डॉ. राजन गांधी को इस क्षेत्र में 25 साल का अनुभव है।
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