सांकेतिक तस्वीर
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हालांकि कोरोना वायरस चूंकि नई बीमारी है, इस वजह से इसके लिए अलग तरह की इम्यूनिटी की जरूरत है, जो कोरोना वायरस से लड़ सके। जो लोग इस बीमारी से ठीक हो चुके हैं, उनके अंदर कोरोना एंटीबॉडीज बन तो रही हैं, जो खुशी की बात है, लेकिन यह एक अवधि तक की शरीर में टिकी रह सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ज्यादातर मामलों में एंटीबॉडीज शरीर के अंदर 28 से 40 दिन तक ही रह सकती हैं, जो चिंता का विषय है।