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कैंसर से जंग: कैंसर पीड़ित अन्य कैंसर रोगियों के लिए बन सकते हैं प्रेरणा, दूर कर सकते हैं डर

सार

कैंसर से बचे लोग जो प्रारंभिक निदान और उपचार प्रक्रियाओं का अनुभव कर चुके हैं, वे अन्य रोगियों के लिए प्रेरणास्रोत हो सकते हैं। सर्वाइवर्स कई सकारात्मक तरीकों से अपनी कहानी साझा करते हैं जिससे अन्य लोगों ोकी मदद हो सकती है।
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कैंसर केयर - फोटो : istock
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विस्तार
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यदि कोई वास्तव में समझना चाहता है कि क्वालिटी ऑफ लाइफ का क्या अर्थ है तो इसके लिए कैंसर से बचे व्यक्ति से जानना जरूरी है। कैंसर के साथ जीवन आसान नहीं है और जब अंतिम चरण में इसका पता चलता है तो यह और भी अधिक कष्टकारी हो जाता है, इससे क्वालिटी ऑफ लाइफ को भी भारी नुकसान होता है।

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अस्पतालों में अनगिनत बार डॉक्टरों से मिलना, बार-बार टेस्ट कराते रहना थका देने वाला होता है। पूरे उपचार चक्र के दौरान व्यक्ति को पीड़ा में छोड़ दिया जाता है, जबकि वह व्याकुल और मनोवैज्ञानिक रूप से प्रभावित होता है। सर्जिकल प्रक्रियाएं दर्दनाक होती हैं और हमने व्यक्तिगत रूप से कई कैंसर पीड़ितों को कीमोथेरेपी या विकिरण थेरेपी से गुजरते समय अवसाद में डूबते और अफसोस की भावना का अनुभव करते देखा है।

कैंसर के उपचार के दुष्प्रभाव जैसे बालों का झड़ना, अत्यधिक उल्टी, अपच, भूख न लगना, त्वचा में जलन और चकत्ते होना ये सभी कैंसर पीड़ित की स्थिति को इसे और भी बदतर बना देते हैं। 
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इन कठिनाइयों के बावजूद, हर दिन हजारों लोग सफलतापूर्वक कैंसर के प्रकोप से बच रहे हैं, जिससे यह साबित होता है कि यह बीमारी मौत की सजा नहीं है। सामुदायिक कैंसर स्क्रीनिंग कार्यक्रमों और प्रारंभिक कैंसर निदान में उल्लेखनीय वृद्धि से कैंसर का ऐसे स्तर पर पता लगाने में मदद मिली है जिससे बेहतर उपचार परिणाम प्राप्त करना संभव है।


कैंसर सर्वाइवर्स, अन्य रोगियों की कर सकते हैं मदद

कैंसर से बचे वे लोग जो कैंसर के प्रारंभिक निदान से गुजर चुके हैं और प्रारंभिक चरण की उपचार प्रक्रियाओं का अनुभव कर चुके हैं, वे सबसे बड़े रोगी के एडवोकेट होते हैं जो किसी समुदाय के नागरिकों या कैंसर फाईटर्स के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं।

वे कहते हैं कि घोड़े के मुंह (horse’s mouth) से सुनना सबसे अच्छा है। उसी तरह, कैंसर से बचे लोग जब जीवित रहने के अपने अनुभव साझा करते हैं, तो यह अन्य कैंसर रोगियों को उपचार आवश्यकताओं का पालन करने के लिए प्रेरित करने का एक ठोस तरीका हो सकता है।

सर्वाइवर्स कई सकारात्मक तरीकों से अपनी कहानी साझा करते हैं। उनका लचीलापन तब देखा जाता है जब वे फिजिकल और ऑक्यूपेशनल चिकित्सा सहायता से गुजरते हैं जो उनके ठीक होने और कार्यक्षमता हासिल करने में सहायता करता है। उपचार के बाद ये थेरेपी, जीवित बचे लोगों को उनकी ताकत फिर से बनाने, गतिशीलता बहाल करने और उनके समग्र जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने में मदद करने में महत्वपूर्ण हैं। 

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कैंसर के जोखिमों को जानिए - फोटो : pexels

कैंसर को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत

वैश्विक कैंसर संस्थानों के कई शोध अध्ययन हैं जो कैंसर से जीवित बचे लोगों की प्रभावशीलता को साबित करते हैं। वे जागरूकता बढ़ाकर, बीमारी का शीघ्र पता लगाने की आवश्यकताओं पर जोर देखर स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुंच की वकालत करके कैंसर रोगियों की मदद में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

अपने स्वयं के अनुभवों को साझा करके और कैंसर देखभाल प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए सक्रिय रूप से काम करके, जीवित बचे लोग, सभी रोगियों के लिए अधिक सहायक और समावेशी वातावरण में योगदान कर सकते हैं।

इस प्रकार, कैंसर से बचे लोग अन्य कैंसर रोगियों का समर्थन करने और उन्हें इलाज के लिए प्रतिबद्ध रहने में मदद करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कैंसर से बचे लोग कई तरीकों से कैंसर रोगियों को इलाज छोड़ने से रोक सकते हैं। मुख्य रूप से अन्य रोगियों के साथ अपनी स्वयं की जीवित रहने की कहानियों और अनुभवों को साझा करके, उपचार के दौरान उनके सामने आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डालकर और वे कैसे प्रेरित रहने में कामयाब रहे। इन कहानियों को साझा करने से आशा जग सकती है और यह आश्वासन मिल सकता है कि वे अपनी यात्रा में अकेले नहीं हैं।

कैंसर से बचे लोग नव निदान रोगियों को ध्यान देकर, सहानुभूति देकर और उनके डर और चिंताओं को समझकर भावनात्मक समर्थन भी दे सकते हैं। कैंसर रोगियों के प्रति दयालु भावना व्यक्त करने से उन्हें समर्थन महसूस करने में मदद मिल सकती है और उन्हें अपना इलाज जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है।

उन्हें उपचार की प्रभावशीलता पर आश्वस्त किया जा सकता है और उन्हें कोर्स पीरियड के दौरान दवा दिए जाने के दौरान सहनशील रहने की सलाह दी जा सकती है।

सर्वाइवर्स रोगियों को दुष्प्रभावों के प्रबंधन, उपचार संबंधी चुनौतियों से निपटाने और उपचार के दौरान और बाद में स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखने के संबंध में व्यावहारिक सुझाव और सलाह प्रदान कर सकते हैं। यह मार्गदर्शन रोगियों को उनकी उपचार यात्रा को अधिक प्रभावी ढंग से नेविगेट करने में मदद कर सकता है।

सर्वाइवर्स निभा सकते हैं स्वैच्छिक सलाहकार की भूमिका

सर्वाइवर्स, अन्य रोगियों को सहायता समूहों, परामर्श सेवाओं, शैक्षिक सामग्री और ऑनलाइन समुदायों जैसे प्रासंगिक संसाधनों से जोड़ने में भी मदद कर सकते हैं। ये संसाधन अतिरिक्त सहायता, जानकारी और समुदाय की भावना प्रदान कर सकते हैं, जो रोगियों को अलग-थलग या अभिभूत महसूस करने से रोकने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

कई मामलों में, हमने कैंसर से बचे लोगों को नए निदान वाले रोगियों के लिए स्वेच्छा से सलाहकार बनते देखा है जो उनके उपचार के दौरान निरंतर सहायता और मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। यह एक-से-एक का रिश्ता मरीजों को मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और जवाबदेही की भावना प्रदान कर सकता है, जिससे उन्हें अपनी उपचार योजना के साथ ट्रैक पर बने रहने में मदद मिलती है।

सक्रिय रूप से शामिल होने में रुचि रखने वाले कैंसर से बचे लोग (जैसे डॉक्टर/चिकित्सक जो स्वयं कैंसर से बचे हैं) रोगी सहायता कार्यक्रम विकसित करने, सर्वाइवर्स क्लीनिक में भाग लेने या अस्पतालों और कैंसर केंद्रों में स्वयंसेवक बनने के लिए स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों के साथ सहयोग कर सकते हैं। यह सहयोग समग्र रोगी अनुभव को बढ़ा सकता है और देखभाल की निर्बाध निरंतरता प्रदान कर सकता है और जीवन की गुणवत्ता को सुधारने में मदद करता है।

चूकि कैंसर के साथ प्रत्येक व्यक्ति की यात्रा अनोखी होती है, इसलिए प्रत्येक रोगी की पसंद और उनके उपचार के संबंध में निर्णयों का सम्मान करना महत्वपूर्ण है। इसलिए, लक्ष्य मरीजों को उनकी स्वास्थ्य देखभाल के बारे में सूचित निर्णय लेने के लिए सशक्त बनाते हुए भावनात्मक समर्थन, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन प्रदान करना है।


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