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Health Tips: अच्छी सेहत के लिए जान लीजिए सबसे आसान तरीका, ये एक आदत बना ली तो दूर रहेंगी कई बीमारियां

Sat, 18 Jan 2025 08:00 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ऑफिस के काम के कारण लोगों के लिए जिम जा पाना और व्यायाम के लिए समय निकाल पाना कठिन हो सकता है। ऐसे लोग के लिए वॉक करना काफी लाभकारी हो सकता है। रोजाना सिर्फ वॉक करने की ही आदत बनाकर आप कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ पा सकते हैं। 
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हृदय को कैसे स्वस्थ रखें? - फोटो : Freepik.com
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विस्तार
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शरीर को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो लाइफस्टाइल और आहार में सुधार करना सबसे जरूरी माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को अपनी दिनचर्या को इस तरह से व्यवस्थित रखना चाहिए जिससे आप शारीरिक-मानसिक रूप से फिट रह सकें। अध्ययनों की रिपोर्ट पर नजर डालें तो पता चलता है कि दुनियाभर में बड़ी संख्या में वयस्क सेंडेंटरी लाइफस्टाइल यानी शारीरिक रूप से निष्क्रियता के शिकार हैं। ऑफिस में लंबे समय तक बैठे रहना, योग-व्यायाम न करना समय के साथ आपको कई प्रकार की बीमारियों का शिकार बना सकता है। 

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स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ऑफिस के काम के कारण लोगों के लिए जिम जा पाना और व्यायाम के लिए समय निकाल पाना कठिन हो सकता है। ऐसे लोग के लिए वॉक करना काफी लाभकारी हो सकता है। रोजाना सिर्फ वॉक करने की ही आदत बनाकर आप कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ पा सकते हैं। 

वॉक करने के फायदे - फोटो : freepik.com
वॉक करने की आदत बहुत फायदेमंद

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, पैदल चलना लो इंपैक्ट वाली शारीरिक गतिविधि है जिसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं। पैदल चलना आपके दैनिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का एक शानदार तरीका है जिसके शारीरिक और मानसिक दोनों तरह के लाभ हो सकते हैं। यह आपकी भावनात्मक सेहत को बेहतर बनाने में भी मदद करता है।

कार्डियोलॉजिस्ट कहते हैं, रोजाना वॉक करने की आदत आपके हृदय स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है। वॉक करने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने 6-6-6 रूल बताया है जिसको दिनचर्या में शामिल करना आपकी सेहत के लिए वरदान साबित हो सकता है।

रोज वॉक करने से क्या होता है? - फोटो : Freepik.com
6-6-6 वॉकिंग रूल को दिनचर्या में करें शामिल

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, वॉक के लिए आप 6-6-6 नियम का पालन कर सकते हैं, ये आपकी शारीरिक गतिविधियों को बेहतर बनाने में मदद करेगा।

6-6-6 वॉकिंग रूल आसान और पालन करने योग्य, हल्के स्तर के व्यायाम की योजना है, जिसको अपनाकर बड़ी संख्या में लोगों ने लाभ पाया है। 6-6-6 वॉकिंग रूल में प्रतिदिन दो बार 60 मिनट का वॉक करना शामिल है- पहला सुबह 6 बजे और दूसरी शाम 6 बजे। इसे पालन में लाकर न सिर्फ आप दैनिक रूप से कितने कदम चलने हैं इस लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं साथ इसका शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार की सेहत पर अच्छा प्रभाव देखा गया है।

वजन कैसे कंट्रोल रखें? - फोटो : Freepik.com
वॉक करने से होने वाले फायदे

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, दिनभर में 10 हजार से कदम चलने की आदत शरीर में वसा की मात्रा को कम करने से लेकर आपको कई प्रकार की बीमारियों से बचाए रखने में सहायक हो सकती है। 

वजन कंट्रोल रखने में सहायक
रोजाना वॉक करने की आदत आपके शरीर के वसा को कम करने और स्वस्थ वजन रखने में फायदेमंद है। 

हृदय स्वास्थ्य में सुधार
यह एक आदत उच्च रक्तचाप, कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक और टाइप-2 डायबिटीज के जोखिमों को कम करने में लाभकारी है। नियमित रूप से चलने से कार्डियोवैस्कुलर फिटनेस भी बढ़ती है।

हड्डियों के लिए फायदेमंद 
दिन में कम से कम आधे घंटे तक चलने से हड्डियों और मांसपेशियों में मजबूती आती है। हड्डियों की सेहत को ठीक रखने के लिए भी ये आदत आपके लिए फायदेमंद है।
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इम्युनिटी बढ़ाने के उपाय - फोटो : Freepik.com
शरीर में बढ़ती है ऊर्जा
नियमित रूप से वॉक की आदत शरीर के ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने और शारीरिक क्षमता में सुधार करने में सहायक है।

मूड रहता है ठीक
शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों में सुधार के लिए ये बहुत लाभकारी है। मूड को बढ़ावा देने, तनाव को कम करने में भी इससे लाभ पाया जा सकता है।

प्रतिरक्षा प्रणाली होती है मजबूत
नियमित रूप से वॉक करने की आदत आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा देने के लिए में भी सहायक है। इस एक आदत से कई प्रकार की बीमारियों से बचाव में भी मदद मिल सकता है।


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नोट:
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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