कोरोनाकाल में लोगों के बीच तनाव भी बहुत बढ़ गया है। मरीज, डॉक्टर, बाहर जाकर काम करने वाले, घर से काम करने वाले, बच्चे-बड़े चिंतित आज हर कोई है लेकिन इस चिंता को दूर कैसे किया जाए, आज के समय में यह बहुत ही महत्वपूर्णं है। चिंता को पालना अच्छी बात नहीं है, यह समस्याओं को ओर बढ़ाती ही है इसलिए अमर उजाला की पहल से बुधवार को हुई चर्चा में डॉ स्मिता एन देशपांडे, प्रोफेसर, डिपार्टमेंट ऑफ साइकाइट्री एबीवीआईएमएस, दिल्ली और डॉ सुनील बालियान, कोरोना इंचार्ज, यथार्थ हॉस्पिटल, नोएडा ने बताया कि 'कोरोनाकाल में मानसिक तनाव से किस तरह बचा जाए'।
इस मुश्किल समय में मानसिक स्वास्थ्य को कैसे संतुलित रखें?
तनाव को इस समय दूर कैसे किया जाए?
-डॉ स्मिता बताती हैं कि इस बात पर ध्यान दें कि ज्यादा लोग इस बीमारी से ठीक हो रहे हैं। इस समय खुद को मजबूत बनाएं। मैं हर चीज को कर सकती हूं। सामान्य सावधानियों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। यदि आप सावधानी रखेंगे तो आप खुद से ये महसूस कर सकेंगे कि मैं स्वस्थ रह सकती हूं तो जीवन में असहायता नहीं आएगी तो आपका स्ट्रेस कम रह सकता है। यदि आप अपने भाग्य को अपने हाथ में रखेंगे तो तनाव कम होगा लेकिन आप ऐसा सोच ही नहीं पाएंगे तो तनाव बढ़ेगा।
-क्या कोविडकाल में हाइपरटेंशन बढ़ा है?
डॉ सुनील ने इस सवाल का जवाब देते हुए बताया है कि ऐसा कुछ नहीं है लेकिन यदि लंबे समय तक आप तनाव लेते हैं तो आपको सेकंडरी हाइपरटेंशन हो सकता है लेकिन अभी तक ऐसे कोई मामले नहीं देखे गए हैं कि कोरोना से हाइपरटेंशन बढ़ रहा है पर इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि हाइपरटेंंशन और स्ट्रेस के बीच कोई संबंध नहीं है।
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