इक तितली सी फड़फड़ाती ज़िन्दगी
कभी हंसती कभी रुलाती ज़िन्दगी
कभी ढूंढें खुशियों के पल
कभी गम में गोते लगाती ज़िन्दगी
कभी देती ठोकरें हज़ार हमें
कभी सहारा दिलाती ज़िन्दगी
कभी सोने न दे ये हमें
कभी सुकून से सुलाती ज़िन्दगी
अब तू ही बता कितने रंग है तेरे
न जाने कितने रंग दिखाती ज़िन्दगी।
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