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नहीं देखी हैं पहले सादगी की ऐसी तस्वीरें...

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नहीं देखी हैं पहले सादगी की ऐसी तस्वीरें
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की हाथों में हुनर है और दिल में भी सच्चाई है

बहुत आसाँ नहीं होगा यहाँ जीना ऐ मेरे दोस्त
ये दुनिया लगती अपनी है मगर होती परायी है

कभी मायूस ना हो, तुम ज़माने पर नज़र डालो
यहाँ मिट्टी के बुत की पत्थरों से तल्ख़ यारी है

सदा वो जीत ना सकते, सदा तुम हार ना सकते
अजब ये खेल है जीवन पलटती सबकी बारी है

हो कोई राह मंज़िल की भले उलझे से हों रास्ते
मगर हिम्मत सही नीयत है तो जन्नत तुम्हारी है

हमारी परवरिश है मुख़्तलिफ़ समझाऊँ मैं कैसे
मेरी आँखों की दुनिया से अलग दुनिया तुम्हारी है

मेरी राहों के साथी थे संभाला है बहुत सबने
मगर ख़ुदगर्ज़ दिल ये सोचता हिम्मत हमारी है

ज़मीं से गर जुड़ा रहता तो फिर चोट क्यों लगती
किसी के हाथ का पत्थर बना, ग़लती हमारी है

ना जाने हाथ क्यों ख़ाली ना कोई साथ दिखता है
सफ़र के अंत में क्यों "राख" सी क़िस्मत हमारी है
 


 

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