पंजाब में अस्पताल, शॉपिंग मॉल, होटल, सिनेमा थिएटर, मल्टीप्लेक्स व रेस्टोरेंट को अब तीन साल बाद फायर एनओसी लेनी होगी। पंजाब सरकार ने उद्योगों को राहत देने के बाद अब व्यावसायिक भवनों के लिए भी हर साल फायर एनओसी लेने की शर्त खत्म कर दी है। साथ ही आवासीय भवनों को भी अब अलग-अलग कैटेगरी में तीन से पांच साल बाद फायर एनओसी लेनी होगी।
राज्य सरकार ने पंजाब फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज रूल्स 2025 लागू किए हैं, जिसमें ये प्रावधान किए गए हैं। साथ ही अब फायर एनओसी फीस में भी रिवाइज्ड की जाएगी। एनओसी की अवधि तीन और पांच साल बढ़ाने के साथ अब सरकार के पास फीस के रूप में एकमुश्त राजस्व आएगा। यही कारण है कि सरकार अब लोगों को फीस में भी छूट देने की तैयारी कर रही है।
फिलहाल अभी 100 बेड के अस्पताल के लिए 30 हजार रुपये फीस निर्धारित की गई है, जो बेड की क्षमता बढ़ाने के साथ अधिकतम एक लाख रुपये तक हो सकती है। एक एकड़ तक एरिया वाले मल्टीप्लेक्स के लिए 50 हजार रुपये फीस निर्धारित की गई है, जो अधिकतम 2 लाख रुपये हो सकती है।
अब व्यावसायिक व आवासीय भवनों को फीस में जल्द कुछ राहत मिल सकती है। इसके अतिरिक्त जिन भवनों की फायर एनओसी की अवधि एक साल बढ़ाकर तीन साल की गई है, उनमें कार्यालय, बैंक, आर्किटेक्ट, इंजीनियर, डॉक्टर, वकील के व्यावसायिक प्रतिष्ठान, डाकघर, पुलिस स्टेशन, क्लीनिक, दुकान, स्टोर, डिपार्टमेंटल स्टोर और भूमिगत शॉपिंग सेंटर आदि शामिल हैं।
स्थानीय निकाय विभाग के अनुसार योग्य आर्किटेक्ट की ओर से तैयार अग्निशमन ड्राइंग और योजना को स्वीकार किया जाएगा। किसी अन्य सलाहकार या एजेंसी से अग्निशमन ड्राइंग की जांच कराने की आवश्यकता नहीं होगी। नए नियमों के तहत भवन मालिकों को बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि पहले हर साल उनके भवनों पर सीलिंग की तलवार लटकती रहती थी।
आवासीय भवनों के लिए भी तीन से पांच साल बढ़ाई अवधि
इसी तरह आवासीय भवनों के लिए भी एनओसी की अवधि तीन से पांच साल बढ़ा दी गई है, जबकि पहले हर साल इन भवनों को एनओसी लेनी पड़ती थी। 15 मीटर ऊंचाई वाले लॉजिंग और रूमिंग हाउस के लिए अब पांच साल बाद एनओसी लेनी होगी। स्टिल्ट पार्किंग के साथ जिन भवनों की ऊंचाई 17.5 मीटर है, उन भवनों को भी इस कैटेगरी में शामिल किया जाएगा। जिन घरों में कमरे किराए पर दिए जाते हैं, उनको लॉजिंग और रूमिंग हाउसेज की कैटेगरी में शामिल किया जाता है।
इसी तरह 15 से 45 मीटर तक वाले अपार्टमेंट के लिए अब हर तीन साल बाद एनओसी लेनी होगी। पहले इन दोनों कैटेगरी में हर साल एनओसी रिन्यू करवानी पड़ती थी। साथ ही 45 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले भवनों को पहले की तरह ही एक साल बाद एनओसी लेनी होगी। इन भवनों को अधिक जोखिम वाले भवनों की कैटेगरी में ही रखा गया है।