हिंदी फिल्मों में साहिर लुधियानवी ने इश्क को बड़े ही सुहावने अंदाज में पेश किया है। उनके शब्दों से मोहब्बत ने हर मोड़ में एक नया मुकाम पाया है। उनके गीतों ने फिल्मों को सुपरहिट होने में मुख्य भूमिका निभाई है। इश्क शब्द को जीने वाले साहिर का अंदाज हमेशा रुमानियत से सराबोर रहा। उनके अधिकांश हिंदी गीतों में मखमली मुलायम शब्द मोहब्बत का हसीन एहसास लिए हुए हैं। फिल्मी गानों में उर्दू शायरी को उन्होंने जो स्थान दिया है वह किसी और गीतकार के लिए संभव नहीं था। साहिर की जिंदगी के किस्से लोगों को प्रेरणा देते हैं। उनके किस्से भी उनके गीतों की तरह ही रुमानियत से भरे थे।
साहिर का जीवन बड़ी मुफलिसी में बीता
साहिर का जीवन बड़ी मुफलिसी में बीता। साहिर के साथ उनके पिता ने काफी दुर्व्यवहार किया। पिता साहिर को बेटा मानते ही नहीं थे। साहिर की मां को भी वह पीटते थे। साहिर ने मां के पक्ष में खड़े होते हुए पिता के खिलाफ गवाही भी दी थी। इससे पिता और उनके बीच काफी रोष बढ़ गया। साहिर जब गीत लिखते थे तो उसमें वह डूब जाते थे।
गुलजार और जावेद अख्तर साहिर के दो बड़े शिष्य थे
गुलजार और जावेद अख्तर साहिर के दो बड़े शिष्य थे। जावेद अख्तर का भी अपने पिता के साथ मेल मिलाप नहीं था। लिहाजा जावेद अख्तर और साहिर के बीच नजदीकी बढ़ गई थी। साहिर जावेद को नन्हा जादू कहकर बुलाते थे। जावेद साहिर को अपने दिल की बात खुलकर बताते थे। शायद जावेद को साहिर के पास आकर सुकून मिलता था।
साहिर को गानों के लिए रायल्टी मिलती थी
साहिर बॉलीवुड के ऐसे पहले गीतकार थे जिन्हें गानों के लिए उन्हें रायल्टी मिलती थी। साहिर की कोशिश के बाद ही मीडिया में प्रसारण के दौरान गीतकारों के नाम का उल्लेख किया जाने लगा। गायक तथा संगीतकारों का नाम पहले लिया जाता था। जिसका साहिर ने विरोध किया था। साहिर और अमृता प्रीतम के इश्क के बारे में सबको पता है। प्रीतम ने सुनैहड़े काव्य संग्रह की रचना की थी। इस रचना के लिए प्रीतम को साहित्य अकादमी का पुरस्कार मिला था। प्रीतम ने यह काव्य संग्रह साहिर लुधियानवी के लिए ही लिखा था।
साहिर के गीत हर वर्ग के लोगों की पसंद रहे
साहिर एक ऐसे गीतकार हैं जिनके गीत हर वर्ग के लोगों की पसंद रहे। श्रमिक वर्ग हो या बुर्जुआवादी-सामंतवादी या फिर वामपंथी हो, सभी ने साहिर के इश्क के अंदाज को सराहा और दिल से भी लिया। हिंदी फिल्मों में इश्क के नाम अगर कुछ ठोस नाम हैं तो उनमें साहिर लुधियानवी सबसे आगे होंगे।