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सावन है मिलने आओ तुम

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आँखों में डूब जाओ तुम
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इतना क़रीब आओ तुम

मत सब्र आज़माओ तुम
नज़रें ज़रा हटाओ तुम

ऐ काश! ऐसा हो जाए
बाँहों में आ समाओ तुम

कुछ पल गुज़ार लें हम साथ
सूरत कोई बनाओ तुम

बाग़ों में पड़ गए झूले
सावन है मिलने आओ तुम

दिलशाद है ये मौसम भी
आओ कि आ भी जाओ तुम

पूनम के हाथ हों, उन पर
रंगे-हिना सजाओ तुम

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