सरकार ने बताई अस्वीकार करने की वजहें
केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने बताया कि मंत्रालय द्वारा किए गए फीडबैक सर्वे, कॉल सेंटर की आउटबाउंड कॉल्स और विभिन्न हितधारकों से मिली प्रतिक्रियाओं के आधार पर पता चला है कि आवेदनकर्ता ऑफर न स्वीकार करने या इंटर्नशिप में शामिल न होने के मुख्य कारण हैं:
- लोकेशन की समस्या
- इंटर्नशिप की अवधि
- उच्च शिक्षा जारी रखना
मंत्रालय ने कहा है कि पायलट प्रोजेक्ट के दौरान प्राप्त फीडबैक, हितधारकों से परामर्श और परिणामों के मूल्यांकन के आधार पर स्कीम का पूर्ण रूप से विस्तार किया जाएगा। पहले राउंड में 3.38 लाख और दूसरे राउंड में 3.46 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने अपना प्रोफाइल पूरा कर पंजीकरण कराया है।