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यूपी: सफाई कर्मचारी बनना चाहते हैं पीएचडी-एमबीए पास

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बेरोजगारी, महंगाई के साथ बढ़ते खर्चों ने उच्च शिक्षितों को अपने लक्ष्य से भटका दिया है। पीएचडी और प्रोफेशनल डिग्रीधारी तमाम बेरोजगार संविदा सफाई कर्मचारी बनने की कतार में खड़े हो गए हैं। अब तक पालिका को सौ से ज्यादा ऐसे आवेदन पत्र मिले हैं, जिनकी शैक्षिक योग्यता उच्च स्तरीय है।
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नगर पालिका परिषद अमरोहा में 114 संविदा सफाई कर्मचारी नियुक्त होने हैं। आवेदन करने की आखिरी तारीख 18 जनवरी है। पालिका को करीब सात हजार आवेदन पत्र अब तक प्राप्त हो चुके हैं। इनमें सौ से ज्यादा ऐसे अभ्यर्थियों के आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिनकी शैक्षिक योग्यता, पीएचडी, एमबीए, बीटेक और पॉलीटेक्निक तक है। इसका मुख्य कारण कुछ और नहीं बल्कि बेरोजगारी है। बढ़ती जनसंख्या के हिसाब से डिग्रीधारी बेरोजगारों की भीड़ भी बढ़ी है।

केंद्र और राज्य सरकार के तमाम विभाग और सेक्टरों में तमाम पदों खाली हैं। बहुतेरों की तो उम्र सरकारी नौकरी में आवेदन के लिए एक-दो साल ही बची है। प्राइवेट सेक्टर भी बेरोजगारी का सिर्फ फायदा उठा रहा है। ऐसे में युवाओं को सिर्फ एक अदद नौकरी की दरकार रह गई है।। इसके अलावा बढ़ती महंगाई, बढ़ते खर्च और तमाम जिम्मेदारियों ने भी प्रोफेशनल डिग्रीधारकों के लिए बड़ी सोच से पलायन करने के लिए मजबूर कर दिया है।
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मंत्री जी के पास पहुंच रहीं नौकरी की सिफारिश

कैबिनेट मंत्री के पास संविदा सफाई कर्मचारी पद पर रखवाने के लिए सिफारिश भी पहुंच रही हैं। इनमें अधिकांश सिफारिश सामान्य जाति से ताल्लुक रखने वाले बेरोजगारों की हैं। 114 में सामान्य जाति के करीब 57 पद हैं। अंतिम तिथि निकट होने के कारण डाकघर में लगातार भीड़ बढ़ रही है।

रविवार को वैसे भी छुट्टी है और आवेदन के लिए सिर्फ एक दिन का समय शेष बचा है। ऐसे में रजिस्ट्री करने वालों की मुख्य डाक घर में भारी भीड़ लगी रही। भीड़ का आलम ये था कि बाहर से लेकर अंदर तक पैर रखने तक की जगह नहीं थी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा गार्ड और पुलिस कर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

ऐसा नहीं है कि आठवीं और दसवीं वाले ही आवेदन कर रहे हैं। स्नातक और स्नातकोत्तर भी संविदा के लिए आवेदन कर रहे हैं। डाकघर में स्नातकोत्तर के छात्र महीपाल ने बताया कि नौकरी सरकारी हो चाहे कैसी भी हो, उससे फर्क नहीं पड़ता। वैसे भी सरकारी नौकरी तो अब ख्वाब सी लगने लगी हैं।

प्रेम प्रकाश, अधिशासी अधिकारी ने बताया कि संविदा सफाई कर्मचारी पद के लिए अब तक करीब सात हजार आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, लेकिन सबसे हैरत की बात तो ये है कि संविदा के लिए प्रोफेशनल डिग्री लेने वाले भी लाइन में लगे हैं।

बीए और एमए पास युवाओं ने भी आवेदन किए

वहीं संभल में नगर पालिका परिषद में संविदा सफाई कर्मचारी बनने के लिए बीए और एमए पास युवाओं ने भी आवेदन किए हैं। पालिका परिषद में शुक्रवार को जब आवेदन पत्रों की छंटाई की जा रही थी तो खुलासा हुआ। एक हजार से अधिक आवेदक उच्च शिक्षा प्राप्त होने का अनुमान है। सफाई कर्मचारी बनने के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता की कोई अनिवार्यता नहीं है।

बस साइकिल चलाना आता हो और सफाई कार्य करने का अनुभव हो। आवेदन के लिए पात्र माना जाएगा। उन आवेदकों को भर्ती में प्रमुखता दी जानी है जिन्होंने संविदा ठेकेदार के अधीन सफाई का काम किया हो। विभिन्न निकायों में शासन ने संविदा सफाई कर्मचारी के पद स्वीकृति किए हैं। संभल नगर पालिका परिषद में 94 पद हैं और इनके सापेक्ष 14 जनवरी तक 11,000 से अधिक आवेदन आ चुके हैं, जिसमें बड़ी संख्या उन युवाओं के आवेदनों की है जो स्नातक और परास्नातक हैं।

नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी राजकुमार गुप्ता ने बताया कि आवेदनकर्ताओं की सूची तैयारी  की जा रही है। करीब दो हजार आवेदनकर्ताओं की सूची बन चुकी है। सूची बनाने का काम जारी  है। जिस हिसाब से बीए और एमए पास युवाओं के आवेदन सामने आ रहे हैं उससे लगता है कि 1000 से अधिक आवेदक स्नातक या परास्नातक डिग्रीधारी निकलेंगे। भर्ती प्रक्रिया के लिए समिति का गठन किया जाएगा।
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94 पदों के लिए 11,000 से अधिक आवेदन

मात्र 94 पदों के लिए 11,000 से अधिक आवेदन आने के बाद नगर पालिका परिषद के अधिकारी और कर्मचारी भी आश्चर्य में पड़ गए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 14 जनवरी थी। पालिका के कर्मियों को आवेदनकर्ताओं की सूची बनाने में लगा दिया गया है। वहीं नौकरी के लिए आवेदनकर्ताओं ने सिफारिशें करानी शुरू कर दी हैं।

कोई सत्ताधारी दल के नेताओं से सिफारिश करा रहा है तो कोई अपने संबंधों के आधार पर अधिकारियों के माध्यम से पैरवी कराने में जुट गया है। यहां तक कि नौकरी लगवाने के नाम पर रिश्वत का जोड़तोड़ भी शुरू हो गया है।

बेरोजगारी अधिक होने से आए ज्यादा आवेदन
संभल। बेरोजगारी का ही आलम है कि इतने अधिक आवेदन आए है। एक पद के सापेक्ष 100 से ज्यादा आवेदन हैं। भर्ती करने वाले अधिकारियों के लिए भी उपयुक्त उम्मीदवार छांटने और इतने ज्यादा उम्मीदारों को साक्षात्कार के लिए बुलाने में एक बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा।
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