रिपोर्ट में कहा गया है कि आगामी वर्ष में नई नौकरियां देने की इच्छा 2017 के सात फीसदी के मुकाबले बढ़कर दोगुनी यानी 15 फीसदी हो गई है। हालांकि, 2019 में नई भर्तियों की संख्या 2010-11 के बराबर नहीं पहुंच पाएंगी। इसके बावजूद पिछले दो-तीन साल की तुलना में स्थिति बेहतर रहेगी। इसके अलावा 2019 में होने वाली कुल भर्तियों में 15-20 फीसदी महिलाएं शामिल होंगी।
टेक क्षेत्र में बढ़ेंगी नई नौकरियां
पीपलस्ट्रॉन्ग के सह-संस्थापक और सीईओ पंकज बंसल ने कहा कि इस साल के लिए नौकरियां देने की इच्छा बढ़ी है, जो सकारात्मक संदेश है। विशेष रूप से प्रौद्योगिकी (टेक) क्षेत्र में नई नौकरियां बढ़ेंगी, जो प्रोत्साहित करने वाली बात है। उन्होंने कहा कि भर्ती परिदृश्य में वृद्धि एक निश्चित आकार के संगठनों तक ही सीमित नहीं थी बल्कि यह विभिन्न आकार और क्षेत्रों की कंपनियों में फैल गई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 में तकनीकी क्षेत्र में भर्तियों में वापसी की उम्मीद है। डिजाइन और एनालिटिक्स क्षेत्र में सबसे अधिक नौकरियों की मांग होगी। वहीं, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) या मशीन लर्निंग क्षेत्र के विशेषज्ञों की मांग बढ़ सकती है। सॉफ्टवेयर, इंजीनियरिंग, वाहन, ट्रैवेल और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में भी भर्तियों में काफी वृद्धि होगी।
नौकरी योग्य महिलाएं बढ़ीं
लिंग विविधता पर सर्वे में कहा गया है कि इस साल नौकरी योग्य महिलाओं की संख्या पिछले साल के 38 फीसदी से बढ़कर 46 फीसदी हो गई है। हालांकि, नौकरी योग्य पुरुषों की संख्या में मामूली वृद्धि देखने को मिली है। उनकी संख्या पिछले साल के 47 फीसदी के मुकाबले एक फीसदी बढ़कर 48 फीसदी हो गई है।
दिल्ली, आंध्र और पश्चिम बंगाल शीर्ष पर
राष्ट्रव्यापी स्तर पर किए गए अध्ययन में कहा गया है कि रोजगार देने के मामले में तीन शीर्ष राज्य आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और दिल्ली हैं। इंजीनियरों को सबसे अधिक नौकरियां मिली हैं। वहीं, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ईसीई) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र में नौकरियां देने की दर सबसे अधिक है।