5,000 रुपए का मुआवजा देने की मांग
इस बीच, कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि लिखित परीक्षाओं को रद्द करके, राज्य सरकार ने गुंडागर्दी को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने पेपर लीक मामले की एफआईआर दर्ज करने की मांग और इसकी स्वतंत्र जांच की भी मांग की है। सुरजेवाला ने कहा कि लगभग 10 लाख लोगों ने यह परीक्षा दी थी। उन्होंने राज्य सरकार से परीक्षा में बैठने वाले प्रत्येक उम्मीदवार को करीब 5,000 रुपए का मुआवजा देने की मांग की है।
बेरोजगार युवाओं को बड़ी राहत दी थी
इससे पहले हाल ही में हरियाणा सरकार ने बेरोजगार युवाओं को बड़ी राहत दी थी। अब बेरोजगार अभ्यर्थियों को सरकारी भर्ती परीक्षाओं के लिए बार-बार अलग-अलग आवेदन फॉर्म नहीं भरना पड़ेगा और उन्हें हर बार भर्ती परीक्षा के लिए अलग से फीस देने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। इसके अलावा, सरकार ने ग्रुप सी और डी पदों के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया को भी समाप्त कर दिया है। हरियाणा सरकार ने नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए एकल पंजीकरण पोर्टल शुरू किया। पोर्टल के लॉन्च के साथ, उम्मीदवारों को केवल एक बार पोर्टल पर आवेदन करने और फीस जमा करने की आवश्यकता होगी। राज्य सरकार ने ‘वन टाइम रजिस्ट्रेशन पोर्टल’ का शुभारंभ कर सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन करने के इच्छुक युवाओं को बड़ी राहत दी है। विभिन्न सरकारी विभागों में ग्रुप सी व डी श्रेणी तथा गैर-राजपत्रित शिक्षण पदों के लिए भर्ती के लिए इस पोर्टल पर पंजीकृत युवाओं को मौका दिया जाएगा।