लेटरल एंट्री से तात्पर्य सरकारी विभागों में निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों को शामिल करने से है। चुने गए उम्मीदवारों को 03 साल की अवधि के लिए अनुबंध के आधार पर नियुक्त किया जाएगा। उम्मीदवार के प्रदर्शन के आधार पर प्रतिनियुक्ति की वैधता को 05 साल तक बढ़ाया जा सकता है।
लेटरल एंट्री पर 2018-19 में हुआ था फैसला
कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि सबसे पहले, 2018-19 के दौरान संयुक्त सचिवों के 10 पदों पर लेटरल एंट्री करने का निर्णय लिया गया। आठ संयुक्त सचिव नियुक्त किए गए थे और इनमें से सात वर्तमान में पद पर हैं। तदनुसार, अब संयुक्त सचिव स्तर पर तीन पदों को भरने का प्रस्ताव है, साथ ही निदेशक स्तर पर 27 और उप सचिव स्तर पर 13 पदों को भरने की भी सिफारिश की गई थी।
2020 में शुरू हुई थी प्रक्रिया
कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) से 14 फरवरी, 2020 और 12 फरवरी, 2021 को वरिष्ठ पदों के लिए उपयुक्त उम्मीदवारों का चयन करने का अनुरोध किया था। यूपीएससी ने फरवरी में पदों के लिए ऑनलाइन भर्ती शुरू की थी।
इतने मिले आवेदन
केंद्र सरकार को संयुक्त सचिव के लिए 295 आवेदन, निदेशक के लिए 1,247 आवेदन और उप सचिव के लिए 489 आवेदनों का जवाब मिला। इसके आधार पर यूपीएससी ने साक्षात्कार के लिए 231 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया, जो शुक्रवार को समाप्त 27 सितंबर से आयोजित किए गए थे, जिसके बाद 31 अनुशंसित उम्मीदवारों की सूची प्रकाशित की गई थी।