एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती में गणित विषय के कितने पद थे?
आयोग के नोटिस के मुताबिक, विज्ञापन संख्या-5/2025 के तहत सहायक अध्यापक (प्रशिक्षित स्नातक) भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें पुरुष शाखा में 556 पद, महिला शाखा में 537 पद दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के तहत विशेष अध्यापक के 7 पद तथा कुछ अन्य विशेष श्रेणी के पद शामिल थे।
- पुरुष - 556 पद
- महिला - 537 पद
- पीडब्ल्यूडी - 7 पद
- विशिष्ट - 7 पद
गणित विषय के लिए 15 गुना अभ्यर्थी चाहिए थे, लेकिन करीब दो गुने ही मिले
आयोग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, मुख्य परीक्षा के लिए रिक्तियों के सापेक्ष 15 गुना अभ्यर्थियों को चयनित करने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि न्यूनतम अर्हता अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या अपेक्षा से कम रही। यही वजह है कि पदों के मुकाबले लगभग दोगुने अभ्यर्थी ही मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किए जा सके।
- पंजीकृत - 1,86,989
- परीक्षा में शामिल हुए - 99,055
- मुख्य परीक्षा के लिए चाहिए थे - 15 गुना
- कितने चयनित हुए - 2,260
हिंदी विषय के लिए इतने अभ्यर्थी हुए सफल
हिंदी विषय के लिए पुरुष शाखा के कुल 568 पद, महिला शाखा के 119 पद, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के तहत विशेष अध्यापक के 2 पद और अन्य का एक पद शामिल था। प्रारंभिक परीक्षा के आधार पर इन पदों के सापेक्ष मुख्य परीक्षा के लिए कुल 8,162 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है।
- पुरुष - 568 पद
- महिला - 119 पद
- पीडब्ल्यूडी - 2 पद
- अन्य - 1 पद
- पंजीकृत अभ्यर्थी - 1,29,511
- परीक्षा में शामिल हुए - 82,007
- मुख्य परीक्षा के लिए चाहिए थे - 15 गुना
- कितने चयनित हुए - 8,162
यूपी एलटी ग्रेड हिंदी विषय का रिजल्ट देखें...
रिजल्ट आयोग की आधिकारिक वेबसाइट
uppsc.up.nic.in पर जारी कर दिया गया है, जहां अभ्यर्थी अपनी स्थिति देख सकते हैं।
मुख्य परीक्षा और आवेदन से जुड़ी जानकारी
यूपीपीएससी ने बताया कि मुख्य परीक्षा का कार्यक्रम और ऑनलाइन आवेदन से संबंधित विस्तृत सूचना जल्द ही आयोग की वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी। अभ्यर्थियों के अंक और कट-ऑफ मार्क्स की जानकारी अंतिम चयन परिणाम जारी होने के बाद ही उपलब्ध कराई जाएगी।
महिला अभ्यर्थियों के परिणाम पर अदालत के आदेश का असर
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि महिला अभ्यर्थियों से जुड़े कुछ मामलों का परिणाम इलाहाबाद हाईकोर्ट में लंबित विशेष अपील के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा। इसलिए संबंधित श्रेणी के अभ्यर्थियों की स्थिति न्यायालय के फैसले के अनुसार तय होगी।