10.70 लाख अभ्यर्थी पंजीकृत
आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा-2023 के लिए 10,76,004 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं, जिनकी संख्या पीसीएस अभ्यर्थियों के मुकाबले काफी अधिक है। आयोग पर यह परीक्षा भी एक दिन में कराने का दबाव था। आयोग के सूत्रों का कहना है कि परीक्षा पर निर्णय लेने के लिए गठित समिति ने सिफारिश की थी कि अगर सीबीएसई व आईसीएसई के निजी प्रतिष्ठित स्कूलों को भी परीक्षा केंद्र बना दिया जाए तो आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा एक दिन में कराई जा सकती है।
आयोग ने यह प्रस्ताव शासन को भेजा और इसी आधार पर अब केंद्र में निर्धारण नीति में संशोधन किया जा रहा है। यही वजह है कि आयोग ने आरओ/एआरओ के 411 पदों पर भर्ती के लिए प्रारंभिक परीक्षा एक दिन में कराने का निर्णय लिया है। परीक्षा 27 जुलाई 2025 को प्रस्तावित है।
पुनर्परीक्षा का सफल आयोजन बड़ी चुनौती
11 फरवरी 2024 को हुई आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा-2023 पेपर लीक होने के कारण निरस्त कर दी गई थी, जो अब 27 जुलाई को पुनः कराई जाएगी। 11 फरवरी को यह परीक्षा प्रदेश में 58 जिलों के 2,387 केंद्रों में आयोजित की गई थी। इस बार सभी 75 जिलों में केंद्र बनाए जाएंगे, ऐसे में आयोग को प्रश्नपत्रों की सुरक्षा व परीक्षा पर निगरानी का दायरा बढ़ाना होगा, सो पुनर्परीक्षा का सफल आयोजन यूपीपीएससी के लिए बड़ी चुनौती होगा।
अब इस परीक्षा के लिए सरकारी व एडेड विद्यालयों के साथ विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और सीबीएसई व आईसीएसई के प्रतिष्ठित स्कूलों को भी केंद्र बनाया जाएगा।