भ्रामक टिप्पणियों का खंडन
बोर्ड ने प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट जारी कर कहा, "कुछ उम्मीदवारों के उपनाम और पद के आधार पर उनकी जाति को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक बातें फैलाई जा रही हैं। बोर्ड यह स्पष्ट करता है कि किसी भी उम्मीदवार को उपनाम या पद के आधार पर सफल या असफल घोषित नहीं किया जाता।"
सत्यापन प्रक्रिया का स्पष्टीकरण
पोस्ट में आगे बताया गया कि चयन केवल सक्षम अधिकारियों द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्रों के सत्यापन के बाद ही किया जाता है। अभिलेखों की जांच के लिए गठित डीवी बोर्ड, जिसमें उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (SDM) और पुलिस उपाधीक्षक (DSP) स्तर के अधिकारी शामिल होते हैं, मूल जाति प्रमाण पत्र का सत्यापन करते हैं। पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही उम्मीदवारों को सफल घोषित किया जाता है।
बोर्ड ने उम्मीदवारों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें।