स्लम्स में बच्चों के जीवन को बेहतर बनाने का लक्ष्य
वह स्लम्स में रहने वाले बच्चों के लिए भी काम करना चाहती हैं। उनका मानना है कि इन बच्चों को सरकारी सुविधाओं का पूरा लाभ मिलना चाहिए, ताकि उनका जीवन स्तर सुधर सके। हर्षिता की यह सोच है कि स्लम्स के बच्चों को सही दिशा में मार्गदर्शन और उचित संसाधन मिलें, जिससे वे भी समाज में अपनी पहचान बना सकें और अपने भविष्य को बेहतर बना सकें।
कैसे की पढ़ाई?
अपनी पढ़ाई के बारे में हर्षिता ने बताया कि उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की मेन के लिए टेस्ट सीरीज ली थी और इंटरव्यू की तैयारी के लिए कई क्लासेस अटेंड कीं। इसके अलावा, उन्होंने सेल्फ स्टडी और ग्रुप डिस्कशन को भी अपनी तैयारी का अहम हिस्सा बनाया। इन तरीकों से हर्षिता ने अपनी परीक्षा की तैयारी को और भी मजबूत किया और सफलता हासिल की।