ऐसा न करने पर क्या होगा?
आयोग ने कहा है कि उपरोक्त प्रक्रिया निर्धारित अवधि के भीतर पूरी न करने पर यह माना जाएगा कि अभ्यर्थी को डाक सर्किल के लिए कोई वरीयता नहीं है और उसे आवंटन के मानदंडों के अनुसार डाक सर्किल आवंटित किया जाएगा।
आवंटन के लिए ये मानदंड अपनाएं आयोग
23 डाक सर्किलों में से अनुशंसित उम्मीदवारों को निम्नलिखित मानदंडों के आधार पर निरीक्षक पद के रूप में नियुक्ति के लिए एक पद आवंटित किया जाएगा:
- अभ्यर्थी को उसकी योग्यता या रैंक, वरीयता क्रम (विकल्प) और उसकी बारी पर उपलब्ध रिक्ति के आधार पर डाक सर्किल आवंटित किया जाएगा।
- बेंचमार्क विकलांगता वाले व्यक्तियों (पीडब्ल्यूबीडी) को पहले डाक सर्किल आवंटित किया जाएगा, चाहे उनकी रैंक कुछ भी हो। यह उनके द्वारा प्रस्तुत डाक सर्किलों की वरीयता के क्रम में रिक्तियों की उपलब्धता के अधीन होगा।
- दिव्यांग उम्मीदवारों को सर्किलों के आवंटन के बाद, शेष उम्मीदवारों को ऊपर उल्लिखित तरीके से डाक सर्किल आवंटित किए जाएंगे।
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जो वरीयता जमा नहीं करेंगे, उनको कैसे होगा आवंटन?
ऐसे सभी अभ्यर्थी, जो कोई वरीयता क्रम नहीं देते हैं या जिन्हें उनकी सीमित वरीयता में उल्लिखित किसी भी डाक सर्किल में आवंटित नहीं किया गया है, उन्हें अन्य सभी अभ्यर्थियों को सर्किल आवंटित करने के बाद, रिक्ति की उपलब्धता के आधार पर यादृच्छिक (Random) रूप से सर्किल आवंटित किए जाएंगे।
एसएससी सीजीएल डाक सर्किलों की सूची
23 डाक सर्किलों की सूची नीचे दी गई है:
- आंध्र प्रदेश
- असम
- बिहार
- छत्तीसगढ
- दिल्ली
- गुजरात
- हरयाणा
- हिमाचल प्रदेश
- जम्मू और कश्मीर
- झारखंड
- कर्नाटक
- केरल
- मध्य प्रदेश
- महाराष्ट्र
- उत्तर-पूर्व
- ओडिशा
- पंजाब
- राजस्थान
- तमिलनाडु
- तेलंगाना
- उत्तर प्रदेश
- उत्तराखंड
- पश्चिम बंगाल
सिर्फ एक बार मिलेगा विकल्प जमा करने का मौका
उम्मीदवारों से अपने विकल्प प्रस्तुत करने का अनुरोध करते हुए आयोग ने कहा, "एक बार दिया गया विकल्प अंतिम होगा और उम्मीदवारों को मानदंडों के अनुसार डाक सर्किलों में आवंटित किया जाएगा। एक बार आवंटित होने के बाद वरीयता क्रम में संशोधन या डाक सर्किल में बदलाव का अनुरोध किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि को इसके लिए अनुरोध भी करेगा तो उसे खारिज कर दिया जाएगा।"