194 केंद्रों पर रद्द हुई परीक्षा, 5 लाख परीक्षार्थी हुए शामिल
24 जुलाई से 1 अगस्त के बीच 142 शहरों के 194 केंद्रों पर आयोजित चरण 13 की परीक्षा अचानक रद्द होने, सॉफ्टवेयर क्रैश होने, बायोमेट्रिक सत्यापन में विफलता और गलत केंद्र आवंटन जैसी समस्याओं से जूझती रही। परीक्षा के दौरान लगभग 5 लाख उम्मीदवारों ने परीक्षा दी।
इन व्यवधानों के कारण पिछले सप्ताह दिल्ली भर में विरोध प्रदर्शनों की लहर दौड़ गई, जिससे हजारों उम्मीदवार सड़कों पर उतर आए और सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
अध्यक्ष ने स्वीकारी कुप्रबंधन की बात
अध्यक्ष ने तकनीकी गड़बड़ियों और उम्मीदवारों को दूर-दराज के केंद्र दिए जाने सहित कुप्रबंधन की बात स्वीकार की। उन्होंने आश्वासन दिया कि आने वाले महीनों में सभी समस्याओं का समाधान कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा, "हम आने वाले महीनों में सुधार करेंगे और योजना बनाएंगे।"
उम्मीदवारों की तत्काल चिंता को दूर करने के लिए 2 अगस्त को तीन पालियों में अतिरिक्त परीक्षाएं आयोजित की गईं। 2 अगस्त को लगभग 16,600 अभ्यर्थियों को पुनः परीक्षा देनी थी, लेकिन केवल 8,048 अभ्यर्थी (60 प्रतिशत) ही उपस्थित हुए। अध्यक्ष ने कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो एसएससी प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए पुनः परीक्षा आयोजित करेगा।
तकनीकी समस्याओं की बात भी स्वीकारी
अध्यक्ष गोपालकृष्णन ने नए विक्रेता के साथ "शुरुआती समस्याओं" की बात स्वीकार की और कहा कि सिस्टम हैंग होने और माउस की खराबी जैसी खामियों के लिए दंड लगाया जाएगा। हालांकि, उन्होंने अभ्यर्थियों और शिक्षकों द्वारा विक्रेता को हटाने की मांग को खारिज कर दिया।
उन्होंने पूछा, "एक परीक्षा के आधार पर, मैं उन्हें नहीं हटा सकता। आने वाले हफ्तों में मैं परीक्षाएं कैसे आयोजित करूंगा? मुझे एक नया टेंडर जारी करना होगा, और कंपनी तय होने में दिसंबर तक का समय लगेगा। तब तक मैं क्या करूंगा?"
उन्होंने आगे कहा, "हमने एक हफ्ते में कंपनी के कामकाज में सुधार देखा है। शुरुआती कुछ दिनों में कुछ समस्याएं थीं और फिर उन्होंने उन्हें सुलझा लिया।"
प्रश्न रीपीट होने की बात पर क्या बयान आया?
प्रश्नों के चयन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल पर चिंताओं का जवाब देते हुए, एसएससी ने स्पष्ट किया कि दोहराव से बचने के लिए केवल एक प्रारंभिक एआई प्रणाली का उपयोग किया जाता है, जिसमें प्रत्येक प्रश्न मेटाडेटा से टैग किया जाता है। छात्रों ने आरोप लगाया कि एआई के इस्तेमाल से प्रश्न रिपीट हुए।
एसएससी ने कहा कि वह परीक्षाओं की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए लॉग, सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक डेटा विश्लेषण पर निर्भर करता है, जिसमें नेटवर्क सिस्टम आयोग के लिए खुला है और सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सीडीएसी) की मदद से निगरानी की जाती है।
इस परीक्षा से मिली सीख, आगे की परीक्षाओं में करेंगे सुधार: अध्यक्ष
एसएससी को उम्मीद है कि आगामी परीक्षाएं सुचारू और बिना किसी व्यवधान के होंगी। उन्होंने कहा, "इस परीक्षा में, हमने देखा है कि क्या समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। 6-8 अगस्त को होने वाली आगामी परीक्षाएं बहुत कम व्यवधान वाली होंगी। आगामी परीक्षाओं में 3.5 लाख उम्मीदवार शामिल होंगे।"