फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

SSC: एसएससी परीक्षा में कुप्रबंधन पर अभ्यर्थियों का फूटा गुस्सा, छात्रों ने की सभी परीक्षाएं रद्द करने की मांग

Sat, 11 Oct 2025 09:34 AM IST
शाहीन परवीन अमर उजाला ब्यूरो

सार

SSC CGL Exam 2025: एसएससी परीक्षा में कुप्रबंधन के कारण अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा। छात्रों ने परीक्षा में हुई खामियों को लेकर सभी परीक्षाओं को रद्द करने की मांग उठाई है।
विज्ञापन
(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

SSC Exam 2025: कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की सीजीएल 2025 और अन्य परीक्षाओं में कुप्रबंधन, अनियमितताओं और लापरवाही को लेकर शुक्रवार को एसएससी अभ्यर्थियों ने आयोग पर सवाल खड़े किए। प्रेस वार्ता आयोजित कर छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों ने एसएससी पर परीक्षा की अखंडता से खिलवाड़ का आरोप लगाया। इस दौरान सभी हालिया परीक्षाओं को रद्द करने, छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने और छात्र आयोग गठित करने जैसी प्रमुख मांगें रखीं। 

छात्रों ने SSC परीक्षा में खामियों पर जताई आपत्ति 

पत्रकारों से बातचीत में छात्रों ने एसएससी सीजीएल 2025, स्टेनोग्राफर और सिलेक्शन फेज परीक्षाओं में सामने आईं खामियों पर चर्चा की। इस दौरान 16 प्रमुख मुद्दों को चिन्हिच कर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही, स्टेनोग्राफर परीक्षा में ग्लिच के बावजूद पुनः परीक्षा न घोषित करने, जयपुर के अभ्यर्थियों को मैसूर जैसे दूरस्थ केंद्र आवंटित करने जैसी मांगे रखीं।

विज्ञापन


साथ ही सिस्टम क्षमता से अधिक रोल नंबर जारी करने, निगरानी में चूक (वेबकैम बंद, सीसीटीवी आंशिक), पुनः परीक्षा मानदंडों की अस्पष्टता, फीडबैक बटन की अकुशलता, आधिकारिक एक्स हैंडल पर रिप्लाई ब्लॉक करने, समेत पुनः परीक्षा तिथि जैसे मुद्दों पर भी तीखे सवाल किए गए। विशेष रूप से पवन गंगा और लोटस लैब्स केंद्रों पर अभ्यर्थियों साथ मारपीट और अवैध हिरासत व घटनाओं का जिक्र किया गया, जिस एक महिला अभ्यर्थी पर गार्ड द्वा हमला शामिल था।

विज्ञापन

तकनीकी खराबी नहीं सिस्टम की विफलता है

अभ्यर्थियों ने दावा किया कि जहां सैकड़ों केंद्र आवासीय भवनों, बैंक्वे हॉल और गैर-तकनीकी जगहों पर आयोजित किए गए। अभ्यर्थियों ने बिजली कटौती, खराब सिस्टम और बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया।

अभ्यर्थी राम ने कहा कि ये मुद्दे तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि सिस्टम की विफलता हैं जो लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य को प्रभावित कर रही हैं। उन्होंने एसएससी से सवाल किया कि पूर्व-परीक्षा ऑडिट क्यों नहीं हुए? यदि हु तो ऐसी घटिया जगहों को मंजूरी क्य दी गई? एडुक्विटी कॅरिअर टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड जैसे वेंडर पर केंद्र प्रबंधन के लिए क्या दंड लगाया गया? वहीं, अभ्यर्थी अभिषेक चौधरी ने गलत और अस्पष्ट प्रश्नों पर रोशनी डाली, जहां कई शिफ्टों में 15 से अधिक गलत या तकनीकी रूप से अमान्य प्रश्न आए। उन्होंने प्रश्न बैंक की पूर्व-जां न होने और अप्रत्याशित वेंडर के चयन पर सवाल उठाए गए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें