2025-26 में SBI ने 25 हजार से अधिक लोगों को दी नौकरी
पिछले फाइनेंशियल ईयर में SBI ने भारतीय खेलों को बढ़ावा देने और अनुशासित व बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले लोगों की टीम बनाने के लिए 67 खिलाड़ियों को नौकरी पर रखा था।
बैंक की ताजा सालाना रिपोर्ट के अनुसार, SBI ने 2025-26 में कुल मिलाकर 4,640 ऑफसर्स, 19,340 एसोसिएट्स और 1,653 कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों को नियुक्त किया।
सालाना रिपोर्ट में कहा गया है कि SBI ने लगातार 1 प्रतिशत से कम (2025-26 में लगभग 0.97 प्रतिशत) का सालाना एट्रिशन रेट (कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने की दर) बनाए रखा है, जो इंडस्ट्री में सबसे कम में से एक है। यह कर्मचारियों की मजबूत प्रतिबद्धता, स्थिरता और लोगों पर केंद्रित नीतियों की प्रभावशीलता को दिखाता है।
भर्ती पर 75.87 करोड़ रुपये खर्च
2025-26 में भर्ती पर कुल खर्च 75.87 करोड़ रुपये था और कुल 25,633 लोगों को नौकरी पर रखा गया (जिसमें रिटायर हो चुके अधिकारी भी शामिल हैं)। इस तरह, प्रति वैकेंसी खर्च 29,597 रुपये रहा, जबकि FY25 में यह 40,441 रुपये था। देश की कुल वर्कफोर्स में महिलाओं की हिस्सेदारी 28.54 प्रतिशत है। इसमें से 24 प्रतिशत महिलाएं मैनेजर लेवल (जूनियर, मिडिल और सीनियर मैनेजमेंट में असिस्टेंट जनरल मैनेजर ग्रेड तक के अधिकारी) पर और 8.55 प्रतिशत सीनियर लीडरशिप (टॉप एग्जीक्यूटिव ग्रेड) में हैं।
2,45,000 से ज्यादा लोगों की वर्कफोर्स के साथ, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया बैंकिंग सेक्टर में सबसे बड़ी रिक्रूटर बनी हुई है। बैंक का फोकस सार्थक रोजगार पैदा करने और साथ ही उभरते हुए बिजनेस, टेक्नोलॉजी और ग्राहकों की उम्मीदों के हिसाब से क्षमताएं विकसित करने पर है।