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बड़ी खबर: ...तो बदल जाएगा PCS का पूरा रिजल्ट

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अभ्यर्थियों के दावे अगर सच हैं तो पीसीएस-2015 प्रारंभिक परीक्षा का पूरा रिजल्ट ही बदल जाएगा। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से जारी संशोधित आंसर-की के अनुसार कई अभ्यर्थियों के नंबर कटऑफ से अधिक अंक होने चाहिए। जबकि, उन्हें मुख्य परीक्षा के लिए क्वालीफाई नहीं कराया गया है।
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इसके विपरीत नंबर कम होने की वजह से कई प्रारंभिक परीक्षा की मेरिट लिस्ट से बाहर हो जाएंगे। इसे लेकर अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति है। साथ में उनमें जबरदस्त नाराजगी है।

अभ्यर्थी रितेश का दावा है कि संशोधित आंसर-की के अनुसार उनके सात नंबर अधिक होने चाहिए, जबकि वह मात्र एक अंक से प्रारंभिक परीक्षा पास करने से वंचित रहे गए। संशोधित आंसर-की के लिए याचिका दाखिल करने वाले नीरज, दिनेश तिवारी, श्रेयांशी पांडेय के तीन अंक बढ़ रहे हैं। जबकि, इनका भी मात्र एक अंक से चयन रुक गया।
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अभ्यर्थियों ने जताई संशोधित आंसर-की पर आपत्ति

याचिकाकर्ता विशाल मिश्रा, संदीप यादव, अजय सिंह आदि का भी दावा है कि संशोधित आंसर-की के अनुसार अंक बढ़ने के साथ उन्हें मुख्य परीक्षा के लिए क्वालीफाई भी कराया जाना चाहिए। इसके विपरीत संशोधित आंसर-की के अनुसार कई अभ्यर्थियों के नंबर कम भी हो जाने चाहिए।

ऐसे अभ्यर्थियों ने नाम बताने से मना कर दिया, लेकिन यह स्वीकार किया कि संशोधित आंसर-की के अनुसार मूल्यांकन हुआ और यही मेरिट रही तो वे बाहर हो जाएंगे। इतना ही नहीं अभ्यर्थियों ने संशोधित आंसर-की पर भी आपत्ति जताई है।

उनका कहना है कि कई प्रश्नों के गलत जवाब को भी आयोग ने सही माना है। अवनीश पांडेय, अयोध्या सिंह आदि प्रतियोगियों का कहना है कि हाईकोर्ट के दबाव में आयोग ने बिना एक्सपर्ट कमेटी की सलाह के संशोधित आंसर-की जारी कर दी है, इसलिए इसमें व्यापक गड़बड़ी है।

आयोग ने वेबसाइट से हटाई मार्कशीट

गौर करने वाली बात यह है कि आयोग ने बृहस्पतिवार को संशोधित आंसर-की जारी करने के साथ अभ्यर्थियों की मार्कशीट भी वेबसाइट से हटा ली। आयोग की वेबसाइट पर मार्कशीट का कॉलम तो खुल रहा है, लेकिन अभ्यर्थियों का कहना है कि रोल नंबर, जन्मतिथि आदि डिटेल डालने पर लिखकर आ रहा है कि मार्कशीट 18 जून को हटा ली गई।

ऐसे में अभ्यर्थियों के सामने मार्कशीट प्राप्त करने को लेकर नई समस्या खड़ी हो गई है। इस तरह से मार्कशीट हटा लेने से कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि मार्कशीट कम से कम एक महीने तक वेबसाइट पर रहनी चाहिए लेकिन उसे 14 दिन में ही हटा लिया गया। इसके अलावा संशोधित आंसर-की जारी होने वाले दिन मार्कशीट हटाए जाने से भी उनमें नाराजगी है।
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हाईकोर्ट जाएंगे अभ्यर्थी

पीसीएस-2015 प्रारंभिक परीक्षा का आंसर-की जारी होने के बाद एक और नया विवाद खड़ा गया है। इसके अनुसार नंबर बढ़ने और सेलेक्शन का दावा करने वाले अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट जाने की घोषणा की है।

आयोग ने 29 जून से मुख्य परीक्षा का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। इसलिए अभ्यर्थियों की तरफ से परीक्षा में शामिल करने या फैसला होने तक एग्जाम टालने की भी मांग की जाएगी। अभ्यर्थियों ने आंसर-की में कई प्रश्नों के जवाब पर भी आपत्ति जताई है। इसके अलावा मार्कशीट हटाने समेत कई अन्य मामलों को लेकर भी उन्होंने न्यायालय जाने की तैयारी की है।

प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अवनीश पांडेय का कहना है कि आयोग ने पीसीएस-2014, कृषि तकनीकी सहायक, राजस्व निरीक्षक, लोअर सबऑर्डिनेट समेत कई भर्तियों का आंसर-की और संशोधित आंसर-की जारी नहीं की है। अवनीश का कहना है कि इन सभी बिंदुओं को लेकर फिर हाईकोर्ट जाया जाएगा।
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