एक लिखित प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा, अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद बड़े पैमाने पर भर्ती अभियान चलाया गया है और जम्मू-कश्मीर सरकार ने 29,295 रिक्तियां भरी हैं। भर्ती एजेंसियों ने 7,924 रिक्तियों का विज्ञापन दिया है और 2,504 रिक्तियों के संबंध में परीक्षाएं आयोजित की गई हैं।
मंत्री ने कहा कि सरकार में रिक्तियों की पहचान और भर्ती एक सतत और चालू प्रक्रिया है और इसे त्वरित भर्ती अभियान के तहत किया जाता है। उनके अनुसार, जम्मू-कश्मीर सरकार ने विभिन्न विभागों के माध्यम से विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं को लागू करके बेरोजगारी को कम करने के लिए कई पहल की हैं। इनमें स्थायी आय सृजन इकाइयों की स्थापना के लिए सब्सिडी वाले ऋण प्रदान करना शामिल है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय (एनएसएसओ) द्वारा किए गए आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) के परिणामों से, अप्रैल-जून 2021 की अवधि के लिए विशेष रूप से जम्मू और कश्मीर में शिक्षित युवाओं के लिए बेरोजगारी दर का अनुमान उपलब्ध नहीं है। हालांकि, मंत्री ने कहा, जुलाई 2020-जून 2021 के दौरान आयोजित पीएलएफएस से, जम्मू और कश्मीर के लिए 15-29 आयु वर्ग के लोगों में बेरोजगारी दर का अनुमान 18.3 प्रतिशत था।