अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए लक्ष्य के प्रति त्याग व समपर्ण का होना अत्यंत आवश्यक है। इनके अभाव में कठिन परिश्रम के बाद भी अक्सर लोगों को उनका लक्ष्य प्राप्त नहीं होता। तो वहीं इनके साथ होने पर राह में आने वाली सारी मुश्किलें आसानी से हल हो जाती हैं। Safalta Talks का हिस्सा बन रहे IAS पंकज यादव ने ऐसे ही समपर्ण के साथ सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की और IAS बने। एक ऐसा व्यक्ति जो सरकारी स्कूल से 12वीं तक की पढ़ाई करे व जिसे अंग्रेजी में भी काफी दिक्कतें हों उसके द्वारा यह मुकाम हासिल करना ढेरों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
पंकज, हरियाणा के रेवारी जिले के एक छोटे से गांव से आते हैं। इनके पिता एक सरकारी स्कूल में शिक्षक थे और पंकज ने इसी स्कूल से अपनी 12वीं तक की पढ़ाई की। पंकज के पिता एक आदर्शवादी व्यक्तित्व के धनी थे। इनका मानना था कि अगर शिक्षक अपना कर्तव्य पूरी ईमानदारी से निभाए तो सरकारी स्कूलों में भी अच्छी प्रतिभा जन्म ले सकती है। अपने बेटे पंकज के द्वारा इन्होंने इस बात को सिद्ध भी किया।
12वीं की पढ़ाई पूरी कर पंकज ने मेडिकल के एंट्रेस की तैयारी की और उसे पास भी किया। जिसके बाद इन्होंने सरकारी मेडिकल कॉलेज से MBBS की पढ़ाई की। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद पंकज ने सिविल सेवाओं की तैयारी शुरू की और अपने तीसरे प्रयास में इन्हें सफलता मिली। पंकज ने ऑल इंडिया 56वीं रैंक प्राप्त की।
पंकज की एक IAS अधिकारी बनने की यात्रा न सिर्फ सिविल सेवाओं अथवा सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हर युवा का मार्गदर्शन करती हैं। अगर आप भी जानना चाहते हैं पंकज के संघर्ष की कहानी तो
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