किसी भी काम को करने के लिए और उसमें सफलता हासिल करने के लिए सबसे ज्यादा खुद पर और उस काम पर भरोसा करने की जरूरत होती है। अगर आप अपने बिजनेस आइडिया पर पूरा विश्वास करते हैं तो निश्चित तौर पर आपको उस काम में सफलता मिलेगी। कुछ ऐसा ही किया है व्हिसेल फॉर पब्लिक इंटरेस्ट (व्हिप) के फाउंडर कुमार शानू ने। लोगों की मदत करने के एक विचार ने, एक स्टार्टअप आइडिया ने उनका जीवन बदल दिया। यह संभव हुआ क्योंकि उन्हें अपने आइडिया पर पूरा विचार था।
कौन हैं कुमार शानू
कुमार शानू एक एडवोकेट और सोशल एक्टिविस्ट हैं। इन्होंने साल 2015 में व्हिप की स्थापना की। यह लॉ स्टूडेंट्स व लॉयर्स के लिए एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म है, जिसे देश में जनहित याचिकाओं और सूचना के अधिकार के इस्तेमाल के लिए जाना जाता है। इसके द्वारा लॉ ग्रेजुएट्स व स्टूडेंट्स आम लोगों को कानूनी सलाह प्रदान करते हैं।
कुमार का जन्म बिहार के एक छोटे से किसान परिवार में हुआ था। आम लोगों की सहायता के लिए कुमार हमेशा से ही तत्पर रहते थे। अपने बचपन में कुमार के गृह शहर में लॉ ऐंड ऑर्डर की स्थिति बिल्कुल अच्छी नहीं थी। इन्हीं चीजों ने कुमार को लॉयर बनने के लिए प्रेरित किया। जिसके लिए इन्होंने दिल्ली लॉ स्कूल से लॉ की पढ़ाई की। उसके बाद मास्टर्स करने के लए ये एक स्कॉलरशिप पर फ्लेचर स्कूल ऑफ लॉ ऐंड डिप्लोमेसी अमेरिका में गए।
लोगों को कानूनी सहायता प्रदान करने के कुमार के विचार ने शानू के जीवन को बदल दिया और इन्होंने व्हिप की स्थापना की। इनका स्ट्रगल हर युवा के लिए काफी कुछ सिखाने वाला है। Safalta Talks के इस खास सेशन में शानू ने अपने जीवन की ढेरों कहानियां साझा की हैं। अगर आप भी इस सेशन को देखना चाहते हैं तो
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