RPSC Aadhar Authentication: आरपीएससी को आधार प्रमाणीकरण की मंजूरी
राजस्थान लोक सेवा आयोग में फर्जी अभ्यर्थियों, डमी कैंडिडेट के बैठने सहित नकल की घटनाओं को रोकने के लिए आधार आधारित प्रमाणीकरण को मंजूरी मिल गई है। आरपीएससी को भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा आधार कार्ड के माध्यम से अभ्यर्थियों का बायोमैट्रिक सत्यापन करने की अनुमति प्राप्त हो गई है।
अब आयोग द्वारा भर्ती प्रक्रिया के विभिन्न चरणों यथा-लिखित परीक्षा, दस्तावेज सत्यापन, काउंसलिंग और साक्षात्कार में अभ्यर्थी की पहचान का सत्यापन इसके माध्यम से किया जा सकेगा। गत समय के दौरान सामने आए डमी अभ्यर्थियों के प्रकरणों को देखते हुए आधार बायोमेट्रिक सत्यापन आयोग की कार्य प्रणाली में मील का पत्थर एवं अत्यंत सहायक सिद्ध होगा।
SSC Aadhar Authentication: एसएससी में आधार आधिरित प्रमाणीकरण
केंद्र सरकार ने 12 सितंबर, 2024 (गुरुवार) को कर्मचारी चयन आयोग (
SSC) को पंजीकरण के समय, परीक्षाओं और भर्ती के विभिन्न चरणों के दौरान स्वैच्छिक आधार पर आधार आधारित प्रमाणीकरण को मंजूरी दी थी। कार्मिक मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा था कि एसएससी को "वन टाइम रजिस्ट्रेशन’ पोर्टल पर पंजीकरण के समय और आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा/भर्ती परीक्षण के विभिन्न चरणों में उम्मीदवारों की पहचान के लिए स्वैच्छिक आधार पर आधार प्रमाणीकरण करने की अनुमति है।
RRB Aadhar Authentication: रेलवे में आधार आधिरित प्रमाणीकरण
अगस्त के अंत में रेवले भर्ती बोर्ड ने भी नोटिस जारी कर आरआरबी (
RRB) में किसी भी पद के लिए तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को सूचित करते हुए कहा था कि, उम्मीदवारों को किसी भी पद के लिए आवेदन करते समय अपनी पहचान आधार सत्यापन के माध्यम से प्रमाणित करना होगा। बोर्ड ने कहा कि रेलवे भर्ती बोर्ड किसी तीसरी पार्टी के साथ आधार विवरण को न तो सहेजेंगे या न ही साझा करेंगे और न ही संबंधित सीईएन के उद्देश्यों के अलावा किसी अन्य उद्देश्य के लिए उनका उपयोग करेंगे।
UPSC Aadhar Authentication: यूपीएससी में आधार आधिरित प्रमाणीकरण
28 अगस्त, 2024 बुधवार को केंद्र सरकार ने पहली बार संघ लोक सेवा आयोग (
UPSC) को आधार-आधारित प्रमाणीकरण की अनुमति दी। यह कदम पंजीकरण के समय, परीक्षाओं और भर्ती के विभिन्न चरणों के दौरान स्वैच्छिक आधार पर अभ्यर्थियों की पहचान सत्यापित करने के लिए उठाया गया। बता दें पूजा खेड़कर मामले के बाद से ही यूपीएससी सुर्खियों में रहा था, जिसके बाद भविष्य में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया।
यह है बायोमेट्रिक प्रक्रिया
आधार कार्ड सभी भारतीयों को एक विशिष्ट पहचान संख्या प्रदान करने के उद्देश्य से बनाया गया है, ताकि पहचान छिपाकर धोखाधड़ी को अंजाम देने वाली घटनाएं पर अंकुश लगेगा। आधार कार्डधारक के पहचान दावे को सत्यापित करने के लिए यूआईडीएआई एक ऑनलाइन बायोमैट्रिक (फिंगर, फेस, आईरिस) सत्यापन सुविधा प्रदान करता है।
आधार द्वारा बायोमैट्रिक सत्यापन का अर्थ उस प्रक्रिया से है, जिसमें 12 अंकों की विशिष्ट आधार संख्या बायोमेट्रिक्स सहित अन्य विशेषताओं के सत्यापन के लिए केंद्रीय पहचान डेटा रिपॉजिटरी को प्रस्तुत की जाती है। आधार बायोमैट्रिक के माध्यम से अभ्यर्थियों की पहचान की पुष्टि विश्वसनीय रूप से की जा सकेगी एवं इसमें दस्तावेजों के आधार पर मैन्युअली अभ्यर्थी के सत्यापन करने की तुलना में अत्यल्प समय लगता है। आधार सरकार द्वारा निर्धारित आधिकारिक रूप से मान्य दस्तावेजों में से एक है और इसलिए यह कागजी कार्रवाई की प्रक्रिया को भी आसान बनाता है।