युवा हल्लाबोल के राष्ट्रीय संयोजक अनुपम बताते हैं कि इस बारे में केंद्र सरकार को सैंकड़ों ज्ञापन दिए जा चुके हैं कि भर्ती प्रक्रिया संपन्न करने की अवधि अधिकतम एक साल रखी जाए। जब कई साल में रिजल्ट आता है तो उससे लाखों युवाओं का भविष्य अंधकार में चला जाता है। एसएससी और दूसरी भर्ती एजेंसियों की यह जवाबदेही तय होनी चाहिए कि भर्ती का परिणाम एक साल के भीतर अवश्य जारी हो जाए।
कॉन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने एसएससी आवेदकों की इस मांग को विभिन्न माध्यमों से उठाया है। एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह कहते हैं कि केंद्र सरकार की तरफ से अभी तक कोई अधिकारिक बयान नहीं दिया गया कि सभी मेडिकल फिट युवाओं को नियुक्ति पत्र जारी किया जाएगा।
इससे संशय की स्थिति बनी हुई है। एक लाख ग्यारह हजार सिपाहियों के पद केंद्रीय सुरक्षा बलों में खाली पड़े हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय में राज्यमंत्री नित्यानंद राय संसद में यह बयान दे चुके हैं। साठ हजार वैकेंसी पहले से ही हैं तो अब नहीं लगता कि 25 हजार सिपाहियों को अलग से भर्ती करने में सरकार का बजट गड़बड़ाएगा। अगर सरकार ये फैसला ले लेती है तो हजारों घरों में रोशनी हो जाएगी।
रणबीर सिंह ने जोर देकर कहा कि अगर केंद्र सरकार सभी मेडिकल फिट युवाओं को नियुक्ति पत्र जारी नहीं करती तो इसमें से ज्यादातर युवा तय आयु सीमा की दहलीज पार कर जाएंगे। इसका जिम्मेदार कौन होगा। सरकार ने सभी मेडिकल फिट युवाओं को नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया तो कॉनफेडरेशन आफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वेलफेयर एसोसिएशन पहले से तयशुदा कार्यक्रम 14 फरवरी को पुलवामा शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित करने के बाद बाकी मेडिकल फिट युवाओं को लेकर जंतर-मंतर पर बेमियादी धरना प्रदर्शन करेगा।