एक महिला ने अपने बीमार पति को अपनी किडनी दे दी, ये चीज इस बात की तस्दीक करती है कि वो अपने पति से कितनी मुहब्बत करती होगी। लेकिन पति और उसका परिवार इसके बाद भी उसे दहेज के लिए परेशान करते थे और इसी बात से परेशान उस महिला ने अपनी जान दे दी।
28 साल की पूनम दो बच्चों का मां थी, मंगलवार को उसने एक अस्पताल में दम तोड़ दिया। 16 अप्रैल को उसने खुद को आग लगा ली थी।
मामला झारखंड के हजारीबाग का है। पूनम के परिवार के मुताबिक उसे ससुराल वालों द्वारा कई सालों से परेशान किया जा रहा था।
किडनी के बदले किया था वादा
पूनम के परिवार ने कहा कि जब छह महिने पहले पूनम के पति सुदामा गिरि की किडनी फेल हो गई तो सुदामा की मां ने उनको ये लिखकर दिया कि अब वे पूनम को दहेज के लिए परेशान नहीं करेंगे अगर वो सुदामा को अपनी किडनी दे दे।
2006 में जब पूनम और सुदामा की शादी हुई थी तो पूनम के परिवार ने 1.31 लाख रुपये भी सुदामा के परिवार को दहेज में दिए थे।
नहीं भरा लालच का घड़ा
आरोप है कि सुदामा का परिवार शादी के बाद से ही पूनम को दहेज के लिए परेशान कर रहा था। जब बीमारी के कारण सुदामा की जान पर बन आई तब उसके लिए पूनम देवी बन गई और अपनी किडनी देकर उसकी जान बचाई।
लेकिन दहेज के लालची सुदामा के परिवार का दिल नहीं बदला और एक बार फिर उन्होंने पूनम को परेशान करना शुरू कर दिया। अब पूनम इस अत्याचार को बर्दाशत नहीं कर पाई और उसने जीवन खत्म करना ही ठीक समझा।
क्या कहना है पुलिस का
इस मामले में पुलिस का कहना है कि आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा और उचित कार्रवाई की जाएगी। हजारीबाग के एसपी मनोज कौशिक ने कहा कि आरोपियों को गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जांच में जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे उनको गिरफ्तार कर कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा। फिलहाल आरोपी फरार हैं और यही कोशिश है कि उनको गिरफ्तार किया जाए।