झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां एक महिला करीब दो साल बाद अपनी मां के घर पहुंची है। जबकि उसकी मां की शिकायत पर उसका पति उसके अपहरण और हत्या के मामले में जेल की सजा काट रहा था। अभी महिला के पति ने तीन महीने जेल में सजा बिताई है।
महिला का नाम मौसमी दास बताया जा रहा है। पुलिस ने शनिवार को इस बात की जानकारी दी है कि मौसमी एक साल 10 महीने बाद वापस लौटी है।
पुलिस अधिकारी त्रिभुवन राम का कहना है, "मौसमी दास 2017 में अपने पति के घर से भाग गई थी और शुक्रवार को अपनी मां के घर पहुंची है। उसके पति ने उसकी मां की शिकायत के बाद तीन महीने जेल में बिताए हैं। उसकी मां ने आरोप लगाया था उनकी बेटी का 3 अगस्त, 2017 को अपहरण और हत्या हुई है। हम आज कोर्ट में सीआरपीसी की धारा 164 के तहत महिला का बयान दर्ज नहीं कर पाए, अब सोमवार को एक बार फिर कोशिश करेंगे। इसके बाद ही हम जरूरी कार्रवाई करेंगे।"
फिलहाल दोनों मां-बेटी को पुलिस स्टेशन लाकर उनसे पूछताछ की जा रही है। राम ने आगे बताया, "महिला कुछ भी स्पष्ट रूप से नहीं कह रही है। हमने उसके पति विश्वजीत दास से बात की लेकिन उसका कहना है कि वह कुछ भी कहने से पहले सोचेगा क्योंकि उसकी पत्नी घर से भाग गई थी और लगभग दो साल उसने अज्ञात स्थानों पर बिताए हैं।"
जानकारी के मुताबिक मौसमी विश्वजीत के घर से जुलाई 2017 में भाग गई थी। वह अपने पांच साल के बेटे पार्थ दास को भी घर पर ही छोड़ गई थी। जिसके बाद उसकी मां सीमा दास ने उसके लापता होने के 19 दिन बाद, उसके ससुराल वालों के खिलाफ अपहरण और हत्या की साजिश रचने की शिकायत दर्ज कराई। जमानत पर बाहर आने से पहले विश्वजीत ने जेल में तीन महीने बिताए हैं।
घर से भागने से पहले मौसमी ने एक लेटर छोड़ा था। जिसमें उसने अपने पति पर शोषण करने का आरोप लगाया। उसने पुलिस से कहा है कि वह पश्चिम बंगाल के पूर्वी मिंदनापुर जिले के कांति चले गई थी। यहां वह एक घर में काम करती थी। वह शुक्रवार को कांति से चाकुलिया बस से आई है। सूत्रों का कहना है कि सीमा दास के घर पर विश्वजीत अपने बेटे के साथ मौसमी से मिला है।