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हेमंत सोरेन के लिए बुधवार बड़ा दिन: रांची आवास पर ईडी करेगी पूछताछ; बैठक में पत्नी को सीएम बनाने का दिया संकेत

Tue, 30 Jan 2024 11:38 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची (झारखंड)

सार

Jharkhand: धनशोधन मामले में जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय की टीम झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूछताछ करेगी। इससे पहले उन्होंने राज्य के सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं के साथ दो दौर की बैठक की। 
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पत्नी कल्पना सोरेन के साथ सीएम हेमंत सोरेन - फोटो : Social Media
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विस्तार
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झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर धनशोधन मामले में गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। इस बीच, मंगलवार को राज्य से गायब बताए जा रहे सोरेन मंगलवार को 40 घंटे बाद रांची पहुंचे। सुबह उन्होंने झामुमो और सत्तारूढ़ गठबंधन के दलों के विधायकों की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उनकी पत्नी कल्पना सोरेन भी शामिल हुईं। कयास लगाए जा रहे हैं कि हेमंत अपनी जगह पत्नी को मुख्यमंत्री पद सौंप सकते हैं।

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विधायक दल की देर शाम फिर बैठक हुई। हालांकि, बैठक में क्या फैसले लिए गए, उनको सार्वजनिक नहीं किया गया। हालांकि, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के सूत्रों का कहना है कि सोरेन 31 जनवरी को ईडी की पूछताछ और उसके बाद गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए पत्नी को अपनी कुर्सी सौंपना चाहते हैं। उन्होंने अपना फैसला विधायकों को बता दिया है।

हेमंत सुबह अपने निवास पर बैठक के बाद महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने बापू वाटिका गए। फिर पिता शिबू सोरेन से मिलने उनके आवास पर पहुंचे। बाद में, पत्रकारों से बातचीत में पूछे गए गायब होने के सवाल पर उन्होंने कहा, 'मैं आपके और राज्य की जनता के दिलों में रहता हूं।' उन्होंने ईडी की ओर से जारी समन को 'राजनीति से प्रेरित' बताया। कहा, 'राज्य सरकार को तंग करने के लिए केंद्रीय एजेंसी का दुरुपयोग किया जा रहा है।'
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सोरेन ने दावा किया कि जमीन घोटाले के संबंध में केंद्रीय एजेंसी उनका बयान दर्ज करने पर जिस तरह जोर दे रही है, उससे दुर्भावना की गंध आ रही है। उन्होंने कहा बुधवार को दिन में एक बजे मैं अपने रांची आवास पर ईडी टीम से मिलूंगा। ईडी ने सोरेन से 20 जनवरी को करीब सात घंटे पूछताछ की थी, जिसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए दोबारा समन भेजा गया। इसमें उनसे 29 या 31 जनवरी को अपनी उपलब्धता के बारे में बताने कहा गया था। सोरेन के करीबी सूत्रों ने कहा कि झामुमो नेता दिल्ली से सड़क मार्ग से आए थे और उन्होंने 1250 किलोमीटर की यात्रा की। 

सीएम आवास, ईडी दफ्तर व राजभवन के पास निषेधाज्ञा
राजधानी रांची में सुबह नौ से दस बजे तक धारा 144 लागू रहेगी। जिला प्रशासन ने यह फैसला लिया है। मुख्यमंत्री आवास, ईडी दफ्तर और राजभवन के आसपास धारा 144 रहेगी। सोरेन के खिलाफ ईडी की कार्रवाई के बीच रांची में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई। अतिरिक्त मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने बताया, सीएम आवास, राजभवन और ईडी दफ्तर के 100 मीटर के दायरे में सुबह 10 से रात 10 बजे के बीच निषेधाज्ञा लागू की गई है।

प्रदर्शन, रैली पर रोक...सात हजार अतिरिक्त बल तैनात 
अतिरिक्त मुख्य सचिव कुमार ने बताया कि निषेधाज्ञा वाले इलाकों में प्रदर्शन, रैली या बैठकें नहीं की जा सकेंगी। रांची में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। लोगों को एकत्र नहीं होने दिया जा रहा। डीजीपी अजय सिंह ने बताया कि कानून-व्यवस्था पर नियंत्रण के लिए राज्य में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए है। सात हजार अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।

मंगलवार को बैठक खत्म होने के बाद झामुमो सांसद महुआ मांझी ने कहा कि मुख्यमंत्री को भगोड़ा और न जाने क्या-क्या घोषित कर भाजपा ने अराजकता फैला दी थी। माहौल खराब हो गया था। जिसे रोकने के लिए मुख्यमंत्री ने बैठक बुलाई थी। बैठक के बाद सीएम ने कहा था, डरने की कोई बात नहीं है।

वहीं, बैठक के बाद मंत्री और झामुमो नेता मिथिलेश ठाकुर ने कहा था, हम गठबंधन में हैं और सरकार चला रहे हैं। ऐसी बैठकें होना आम बात हैं। हमने चर्चा की कि सरकार कैसे चलाई जाए और लोगों की उम्मीदों को कैसे पूरा किया जाए। वहीं, कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने कहा था, इंडिया गठबंधन के सभी विधायक बैठक में मौजूद थे। सभी ने अपनी एकता का परिचय दिया। सभी विधायकों ने मुख्यमंत्री सोरेन के नेतृत्व में अपना भरोसा दिखाया। हम भाजपा को मुख्यमंत्री की कुर्सी तक नहीं पहुंचने देंगे। 

दिल्ली आवास से 36 लाख की नकदी जब्त
ईडी सोमवार को सोरेन के दिल्ली स्थित आवास पर सीएम से पूछताछ करने पहुंची थी, लेकिन वह वहां नहीं मिले। एजेंसी की टीम ने 13 घंटे से अधिक समय तक उनका इंतजार किया। बाद में उनकी बीएमडब्ल्यू गाड़ी, कुछ दस्तावेज और 36 लाख रुपये की नकदी जब्त कर लौट गई। टीम ने दिल्ली में सोरेन के अन्य संभावित ठिकानों पर भी दबिश दी, लेकिन वह नहीं मिले। इसके बाद से सोरेन गायब बताए जा रहे थे। सोरेन 27 जनवरी को दिल्ली जाने के लिए निकले थे।

झारखंड में सांविधानिक संकट : मरांडी
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री सोरेन के अचानक लापता हो जाने के कारण राज्य में सांविधानिक संकट जैसी स्थिति बन गई थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, करीब 40 घंटे तक गायब रहने के बाद सीएम सोरेन के रांची सुरक्षित लौटने पर लोगों ने राहत की सांस ली है। राज्य के पुलिस महानिदेशक और खुफिया विभाग को भी उनके बारे में जानकारी नहीं होना गंभीर बात है।  

अरबों ठिकाने लगा रहे थे सोरेन : दुबे
झारखंड से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने 36 लाख की बरामदगी पर कहा, मुख्यमंत्री सोरेन कई घंटे लापता रहे, क्या इस दौरान वह अरबों रुपये ठिकाने लगाने में जुटे थे।

राज्यपाल ने सोरेन की आलोचना की  
राज्यपाल राधाकृष्णन ने सोरेन के गायब रहने को लेकर उनकी आलोचना की। उन्होंने कहा, जैसे किसी को जानकारी नहीं थी, वैसे मुझे भी जानकारी नहीं थी। हम सभी सीएम की प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं का बर्ताव सही नहीं है।

नकदी बरामदगी बाबूलाल और ईडी की साजिश : झामुमो
झामुमो प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने दावा किया कि दिल्ली आवास से जो 36 लाख नकद बरामद बताए जा रहे हैं, वह सीएम की छवि खराब करने की ईडी और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी की साजिश है। उन्होंने सवाल उठाया, जब हेमंत सोरेन ने ईडी को अपना बयान दर्ज कराने 31 जनवरी को बुलाया था, तो एजेंसी उनके दिल्ली आवास पर 29 को ही क्यों पहुंच गई? इसके पीछे बाबूलाल और ईडी का हाथ है। वे सोरेन से अपराधी की तरह पेश आ रहे हैं, लेकिन सीएम किसी से नहीं डरते।

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