केंद्र सरकार के नोट बंदी के निर्णय से झारखंड में नक्सलियों समेत विभिन्न उग्रवादी संगठनों को करीब अस्सी करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। राज्य के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आरके मलिक ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नोट बंदी से इन संगठनों की गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
मलिक ने खुफिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि नोट बंदी के बाद इन संगठनों का आर्थिक ढांचा कमजोर पड़ा है जिसके कारण ये अपनी विचारधारा से इतर नगदी लूटने तक पर उतारू हो गए। हालांकि राज्य पुलिस ने उनके इन प्रयासों को विफल कर दिया। तीन साल पहले नक्सली लेवी के रूप में हर साल 140 करोड़ रुपये वसूला करते थे जो पुलिस की सजगता से घट कर करीब 100 करोड़ रुपये रह गया था।
इनमें से करीब बीस करोड़ रुपये के नोट ये संगठन अपने समर्थकों की मदद से तथा ग्रामीणों को धमकाकर बदलने में सफल रहे। उन्होंने कहा कि नक्सलियों ने जबरदस्ती नोट बदलने के करीब सौ प्रयास किए पर पुलिस ने इन्हें विफल कर दिया।