अब झारखंड के रजरप्पा मंदिर में भी स्वर्ण मंदिर की ही तरह लंगर की शुरुआत होगी। यह मंदिर राज्य के रामगढ़ में स्थित है। तिरुपति बालाजी, वैष्णो देवी, शिरडी साईं मंदिर और अमृतसर के स्वर्ण मंदिर की तर्ज पर शुरु की गई लंगर सेवा की तैयारियां भी मंदिर में शुरू हो चुकी हैं। लंगर की पहल राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास के आदेश के बाद जिला प्रशासन और मंदिर न्यास बोर्ड ने की।
मंदिर में बड़े पैमाने पर होने वाले लंगर के लिए बड़ी मात्रा में फंड की भी जरूरत होगी। इसके लिए तिरुपति बालाजी और स्वर्ण मंदिर के लंगर संचालकों से जानकारी ली जा रही है। रजरप्पा मंदिर में लंगर की व्यवस्था मां छिन्नमस्तिके रजरप्पा ट्रस्ट द्वारा की जाएगी। इस ट्रस्ट के संचालन का काम जिला प्रशासन करेगा।
जिसके लिए एक टीम का गठन भी किया जा चुका है। इस टीम का नेतृत्व एसडीओ द्वारा किया जा रहा है। मंदिर के पुजारी सुबोध पंडा का कहना है कि रजरप्पा धाम एक प्रसिद्ध तीर्थस्थल है। जहां रोजाना हजारों की संख्या में लोग दर्शन करने आते हैं। झारखंड सरकार ने ही मंदिर में लंगर की व्यवस्था का प्रस्ताव रखा था। खाने के अभाव में आने वाले लोगों के लिए यह एक बेहतर पहल होगी। इस लंगर व्यवस्था से श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी भी होगी।
मंदिर में शुरू होने वाली लंगर व्यवस्था पर रामगढ़ के डीसी राजेश्वरी बी का कहना है कि जल्द ही मंदिर में भक्तों को प्रसाद के रूप में लंगर मिलेगा। इसके लिए एक टीम भी बनाई गई है जो संचालन और फंडिंग के काम के अलावा इस दौरान आने वाली दिक्कतों को भी हल करेगी।