झारखंड में कोविड प्रोत्साहन राशि के कथित घोटाले का मामला सामने आया है। जमशेदपुर पूर्व से निर्दलीय विधायक सरयू राय ने सीएम हेमंत सोरेन से इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को बर्खास्त करने की मांग की है। राय ने आरोप लगाया कि कोविड प्रोत्साहन राशि में लाखों का घोटाला हुआ है। उधर, मंत्री गुप्ता ने राय से कथित घोटाले के सबूत मांगे हैं।
विधायक राय ने मुख्यमंत्री सोरेन से स्वास्थ्य विभाग के बही खाते अपने पास मंगवाने और जांच कराने की मांग की है। राय ने दावा किया कि मंत्री बन्ना गुप्ता ने अंबेडकर जयंती पर सरकारी छुट्टी के दौरान दफ्तर पहुंचकर यह हेराफेरी की।
राय के आरोपों को मंत्री गुप्ता ने निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि के रूप में 14.59 लाख रुपये देने का आकलन किया गया है.। अब तक कोई राशि किसी को नहीं मिली है। राय का यह बताना होगा कि विभाग के किस खाते से मुझे, अधिकारियों व कर्मचारियों को भुगतान किया गया? मैंने विभाग काे प्रोत्साहन राशि के लिए अनुमोदन किया था, लेकिन गलत तरीका से पैसा भुगतान करने के लिए नहीं कहा। मेरा नाम भी प्रोत्साहन राशि में जाेड़ा गया था, जिसकी जानकारी होने पर मैंने अपना नाम काटने के लिए विभाग को पत्र लिखा। राय जिस शुचिता की बात कर रहे हैं, वह उन पर भी लागू होती है। स्वास्थ्य मंत्री गुप्ता ने राय पर विभागीय गोपनीयता कानून के उल्लंघन का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि विभाग के गोपनीय कागजात सरयू राय के पास कैसे पहुंचे, इसकी जांच कराई जाएगी।
फाइल में हेराफेरी की, मंत्री को बर्खास्त करें
उधर, विधायक सरयू राय ने सीएम हेमंत सोरेन से स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को बर्खास्त करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि छुट्टी के दिन स्वास्थ्य विभाग का ऑफिस खोलकर कोविड प्रोत्साहन राशि के भुगतान से संबंधित खातों में हेराफेरी की गई। स्वास्थ्य मंत्री ने भ्रष्ट आचरण किया है। जांच होने तक मंत्री को पद से हटाया जाए।
झारखंड के मंत्री आलमगीर आलम के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच शुरू
वहीं, प्रवर्तन निदेशालय ने शनिवार को झारखंड के मंत्री आलमगीर आलम के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच शुरू कर दी है। ईडी ने बरहरवा पुलिस की एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की है। ईडी के रांची जोनल ऑफिस से शिकायतकर्ता शंभु नंदन कुमार को समन भेजा गया है। साथ ही एफआईआर की सभी जानकारी मांगी गई है। इसके अलावा उस लेनदेन का भी विस्तृत ब्योरा ईडी ने तलब किया है जिसके आधार पर एफआईआर दर्ज की गई।