सिमडेगा पुलिस ने जिले के बानो और कुरडेग थाना क्षेत्र में नौकरी दिलाने का झांसा देकर सिक्योरिटी मनी के रूप में करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना ओम प्रकाश समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस खोटरे ने बताया कि प्रथमदृष्टया करीब पांच से छह करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। ठगी के लिए बीएसके फाउंडेशन नामक संस्था का सहारा लिया जा रहा था। गिरफ्तार आरोपियों में अशोक साय, ओम प्रकाश, एनिस केरकेट्टा, सरोज केरकेट्टा, गोरैती केरकेट्टा और कुंदन शर्मा शामिल हैं।
गिरोह का ऐसे हुआ पर्दाफाश
स्थानीय ग्रामीणों ने बीएसके फाउंडेशन पर नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे ऐंठने की शिकायत दर्ज कराई थी। ग्रामीणों की इस शिकायत के आधार पर बानो थाना और कुरडेग थाना में केस कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर वरीय पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय रणवीर सिंह और एसडीपीओ धर्मदेव पासवान के नेतृत्व में एसआइटी बनाई गई।
पदों और कोर्स के नाम पर बड़ी वसूली
जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी ओम प्रकाश बीएसके फाउंडेशन का संचालन कर रहा था। संस्था में नेशनल हेड, स्टेट हेड, डिस्ट्रिक्ट हेड, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर और सेंटर इंचार्ज जैसे फर्जी पद बनाए गए थे। इन पदों पर नियुक्ति के लिए भारी-भरकम सिक्योरिटी मनी वसूली जाती थी।
स्टेट हेड के लिए तीन लाख, डिस्ट्रिक्ट हेड के लिए डेढ़ लाख, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर के लिए 60 हजार और सेंटर इंचार्ज के लिए 40 हजार रुपये तय किए गए थे। इसके अलावा बाल एवं जननी शिक्षा अभियान के तहत एनटीटी के नाम पर 40 हजार और पीटीटी के नाम पर 60 हजार रुपये वसूले जा रहे थे। लोगों को फंसाने के लिए व्हाट्सएप पर पोस्टर भेजे जाते थे।
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आरोपियों की संपत्तियां होंगी कुर्क
आरोपी दोगुना इंसेंटिव और कैश प्राइज का प्रलोभन देकर लोगों को जाल में फंसाते थे। ठगी की रकम से आरोपियों ने निजी संपत्ति खरीदी थी। पीड़ितों के पैसे वापस कराने के लिए आरोपियों की संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।