झारखंड के चक्रधरपुर थाना क्षेत्र के दलकी गांव में बुजुर्ग महिला पर डायन होने का आरोप लगाकर मारपीट करने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने चारों नामजद आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। विशेष पुलिस टीम ने गांव में छापेमारी कर सभी आरोपियों को दबोचा। पुलिस ने पीड़ित महिला के बयान के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया है।
अंधविश्वास के कारण हुई मारपीट
पीड़ित बुजुर्ग महिला (65) ने चक्रधरपुर थाने में पहुंचकर अपने साथ हुई मारपीट की आपबीती सुनाई और लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच प्रक्रिया शुरू की। पुलिस की पूछताछ के दौरान पकड़े गए आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है।
आरोपियों ने बताया कि परिवार के एक सदस्य की तबीयत खराब होने के बाद उन्होंने बुजुर्ग महिला पर टोना-टोटका करने तथा डायन होने का संदेह जताया था। इसी अंधविश्वास के चलते आक्रोशित होकर आरोपियों ने महिला के साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया।
दबिश देकर गिरफ्तारी
चाईबासा के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चक्रधरपुर के सहायक पुलिस अधीक्षक सह अनुमंडल पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने दलकी गांव में दबिश देकर चारों आरोपियों को उनके घरों से गिरफ्तार कर लिया।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान सीमा मुंडारी उर्फ चिकनी मुंडारी, नंदलाल मुंडारी उर्फ नीलु मुंडारी, बाया मुंडारी उर्फ लुदु मुंडारी और राजु मुंडारी उर्फ मोटु मुंडारी के रूप में हुई है। सभी आरोपी दलकी गांव के ही निवासी हैं।
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किसी भी दोषी को बख्शेंगे नहीं
छापेमारी अभियान में अनुमंडल पुलिस अधिकारी डॉ. सैयद मुस्तफा हाशमी, चक्रधरपुर थाना प्रभारी अवधेश कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक प्रिया लक्ष्मी टुडू, सहायक अवर निरीक्षक बिरबल चौबे और दिलीप कुमार शामिल थाना प्रभारी अवधेश कुमार ने बताया कि अंधविश्वास के नाम पर महिलाओं का उत्पीड़न बेहद गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन ऐसे मामलों में शामिल किसी भी दोषी को बख्शेगा नहीं और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।